झांसी: करोड़ों के चर्चित सट्टा सिंडिकेट मामले में फरार चल रहे बर्खास्त सिपाही रजत सिंह ने आखिरकार अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। करीब 19 दिन तक पुलिस को चकमा देने के बाद उसने कोर्ट में सरेंडर किया, जिसके बाद उसे जिला जेल भेज दिया गया। खास बात यह है कि इसी जेल में उसकी कथित प्रेमिका यशस्वी पहले से बंद है।
ये है मामला
यह मामला तब सुर्खियों में आया था, जब 8 मई को झांसी पुलिस ने रॉयल सिटी स्थित एक लग्जरी फ्लैट पर छापा मारकर यशस्वी को गिरफ्तार किया था। कार्रवाई के दौरान पुलिस को भारी मात्रा में संपत्ति मिली थी। जांच में करीब 1.46 करोड़ रुपये के सोने के आभूषण, 11 लाख रुपये से ज्यादा की चांदी और 19 लाख रुपये नकद बरामद हुए थे। इस खुलासे के बाद शहर में हड़कंप मच गया था और इस नेटवर्क के पीछे बड़े लोगों की संलिप्तता की चर्चाएं शुरू हो गई थीं।
छापेमारी के बाद रजत सिंह फरार हो गया था। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी, लेकिन वह गिरफ्तारी से बचता रहा। आखिरकार बढ़ते दबाव के बीच उसने अदालत का रुख किया और आत्मसमर्पण कर दिया।
आगे होगी जांच
अब पुलिस की नजर इस सिंडिकेट की जड़ों तक पहुंचने पर है। माना जा रहा है कि रजत सिंह से पूछताछ में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। सट्टा नेटवर्क के संचालन, करोड़ों के लेनदेन और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच तेज कर दी गई है।
वहीं, रजत और यशस्वी के एक ही जेल में होने को लेकर चर्चाएं भी तेज हैं। हालांकि पुलिस का फोकस फिलहाल मामले की तह तक पहुंचने और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने पर है। जांच एजेंसियां आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत रजत को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में हैं।