संभल जिले के हयातनगर थाना क्षेत्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां सरायतरीन निवासी युवक अराफात को जिलाधिकारी को बार-बार फोन कर परेशान करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने 2 मई को पूरे दिन जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पेंसिया को लगातार 17 बार कॉल किए, जिससे प्रशासनिक कार्य प्रभावित हुए और अधिकारियों को दिक्कत का सामना करना पड़ा।
हिरासत में भेजा गया आरोपी
मामले को गंभीरता से लेते हुए हयातनगर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अराफात को नवाबखेल इलाके से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके खिलाफ शांति भंग की धाराओं में चालान किया और सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार की अदालत में पेश किया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने मीडिया के सामने चौंकाने वाला बयान दिया। अराफात ने कहा कि उसने “मजे-मजे में” डीएम को फोन किया था और सिर्फ उनका हालचाल पूछना चाहता था। उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि उसके इस व्यवहार के चलते उसे जेल जाना पड़ेगा।
बताया जा रहा है कि आरोपी मानसिक रूप से अस्वस्थ है और पहले भी उसे मानसिक स्वास्थ्य संस्थान भेजा जा चुका है। मेडिकल परीक्षण के दौरान उसने यह भी आशंका जताई कि कहीं उसे फिर से मानसिक चिकित्सालय न भेज दिया जाए।
कब आया था चर्चा में
दिलचस्प बात यह है कि गिरफ्तारी से दो दिन पहले ही अराफात एक कार्यक्रम में मंच से शायरी पढ़ते हुए भी चर्चा में आया था, जहां समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क भी मौजूद थे। हालांकि, उसकी यह हरकत अब उसके लिए मुसीबत बन गई है।
फिलहाल, यह मामला संभल जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और प्रशासन इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई के संकेत दे रहा है।