आगरा पुलिस कमिश्नरेट में लंबे समय से एक ही थाने में जमे पुलिसकर्मियों पर आखिरकार बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई है। विभाग के भीतर चल रही चर्चाओं और लगातार मिल रही शिकायतों के बाद एक साथ 428 हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल के तबादले कर दिए गए। इस फैसले ने पूरे महकमे में हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि इतने बड़े स्तर पर एक साथ स्थानांतरण कम ही देखने को मिलता है।
कई वर्षों से नहीं हुआ था तबादला
बताया जा रहा है कि कई पुलिसकर्मी वर्षों से एक ही थाने में जमे हुए थे। नियमानुसार तय अवधि पूरी होने के बाद भी उनका स्थानांतरण नहीं हो रहा था। इससे स्थानीय स्तर पर उनकी पकड़ मजबूत हो गई थी और इसी कारण कुछ मामलों में अनियमितताओं और गलत गतिविधियों में संलिप्तता की शिकायतें भी सामने आने लगी थीं। वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया और पूरे मामले की समीक्षा की गई।
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार के निर्देश पर अपर पुलिस आयुक्त राम बदन सिंह ने यह व्यापक कार्रवाई अमल में लाई। कमिश्नरेट के तीनों जोन में तैनात कुल 428 पुलिसकर्मियों के कार्यक्षेत्र बदल दिए गए हैं। यह कदम कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद अब तक की सबसे बड़ी तबादला कार्रवाई माना जा रहा है।
विभाग के अंदर मची खलबली
अचानक हुए इन तबादलों से विभाग के अंदर खलबली मच गई। कई पुलिसकर्मियों ने अपने स्तर पर सिफारिश कराने की कोशिश भी की, लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि इस बार कोई ढील नहीं दी जाएगी। सिफारिश लेकर आने वालों को कड़ी फटकार भी मिली।
इस कार्रवाई को पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि समय-समय पर इस तरह के तबादले न केवल व्यवस्था को दुरुस्त रखते हैं, बल्कि क्षेत्र में निष्पक्ष कानून व्यवस्था बनाए रखने में भी मददगार साबित होते हैं।