झांसी पुलिस महकमे में हुए बड़े पैमाने के तबादले अब सवालों के घेरे में आ गए हैं। सोमवार को एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने एक साथ 370 सिपाहियों के स्थानांतरण का आदेश जारी किया था, जिसमें साफ तौर पर तत्काल प्रभाव से नई तैनाती भी तय कर दी गई थी। लेकिन हैरानी की बात यह है कि शुक्रवार तक, यानी पूरे चार दिन बीत जाने के बाद भी यह आदेश जमीन पर लागू नहीं हो सका है।
हो रही चर्चा
हालात यह हैं कि जिन सिपाहियों को अलग-अलग थानों और चौकियों में भेजा गया था, वे अब भी अपने पुराने थानों में ही काम कर रहे हैं। नवाबाद, कोतवाली, सीपरी बाजार और महिला थाना जैसे अहम थानों से बड़े स्तर पर स्टाफ बदला गया था, लेकिन अब तक किसी ने नई जगह जाकर कार्यभार नहीं संभाला है।
सोमवार से शुक्रवार तक का यह अंतराल अब चर्चा का विषय बन गया है। आमतौर पर “तत्काल प्रभाव” वाले आदेशों में उसी दिन या अगले दिन तक रिलीविंग की प्रक्रिया पूरी हो जाती है, लेकिन यहां चार दिन बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। इससे विभागीय कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।
अफसरों ने कहा ये
बताया जा रहा है कि होमगार्ड भर्ती परीक्षा के चलते फोर्स की कमी न हो, इसलिए सिपाहियों को अभी रोका गया है। हालांकि आदेश में इस तरह की किसी देरी का जिक्र नहीं था, जिससे असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है।
प्रेमनगर, कोतवाली, सीपरी बाजार, नवाबाद, रक्सा, सदर बाजार, बबीना और महिला थाना समेत कई इलाकों में बड़े पैमाने पर फेरबदल किया गया था। लेकिन फिलहाल यह तबादला कागजों में ही सिमटा हुआ दिख रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई बदलाव नजर नहीं आ रहा।