नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सोमवार को श्रमिकों के उग्र आंदोलन के बीच पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने सख्त एक्शन लेते हुए स्थिति को नियंत्रण में किया। फेज 2 स्थित कई कंपनियों में कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि और अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन किया, जिससे कुछ स्थानों पर इकाइयां बंद हुईं और सड़कों पर कर्मचारियों ने जमकर प्रदर्शन किया।
पुलिस कमिश्नर ने दी जानकारी
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि सोमवार को नोएडा में करीब 83 स्थानों पर 42 हजार से अधिक कर्मचारी सड़कों पर उतरे थे। इनमें से दो स्थानों पर हिंसक प्रदर्शन हुआ। पुलिस ने न्यूनतम बल का प्रयोग करते हुए हिंसक गतिविधियों को रोका और अन्य स्थानों पर प्रदर्शनकारी कर्मचारियों को समझा-बुझाकर वापस भेजा।
सीपी ने कहा कि जांच में यह सामने आया कि कुछ व्यवस्थित समूह पीछे से श्रमिकों को भड़का रहे थे। इसके तहत पुलिस ने भीड़ में से 300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया और फर्जी ट्विटर और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए हिंसा भड़काने वाले कुछ लोगों की पहचान की। इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
होगी कार्रवाई
पुलिस कमिश्नर ने यह भी बताया कि आगे इन लोगों की फंडिंग की जांच की जाएगी। अगर इसमें बाहरी स्रोतों का कोई प्रमाण मिलता है, तो उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस कमिश्नर ने यह स्पष्ट किया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस सतर्क है।
मंगलवार को भी फेज 2 में कुछ कर्मचारी कंपनी के बाहर धरने पर बैठे, लेकिन कोई हिंसक घटना नहीं हुई। पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर सुरक्षा बल घटनास्थल पर मौजूद रहे और स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखा गया। इससे स्पष्ट होता है कि नोएडा पुलिस ने मजदूर आंदोलन के दौरान सख्ती और समझ-बूझ दोनों के साथ नियंत्रण बनाए रखा।