सूरजकुंड मेले में हुए दर्दनाक झूला हादसे ने पूरे हरियाणा को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में लोगों की जान बचाते हुए शहीद हुए पुलिस इंस्पेक्टर (एसआई) जगदीश प्रसाद की बहादुरी अब पूरे प्रदेश के लिए मिसाल बन गई है। खास बात यह है कि जगदीश प्रसाद की रिटायरमेंट में महज एक महीना ही बाकी था, लेकिन कर्तव्य और साहस को उन्होंने अपने जीवन से ऊपर रखा और दूसरों को बचाने के प्रयास में शहीद हो गए।
ऐसे हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, यह हादसा फरीदाबाद जिले के सूरजकुंड मेले में उस समय हुआ, जब एक झूले का हिस्सा अचानक टूट गया। झूले में कई लोग फंसे हुए थे। मौके पर मौजूद एसआई जगदीश प्रसाद ने बिना अपनी जान की परवाह किए झूले में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश शुरू की। इसी दौरान झूला असंतुलित होकर उनके ऊपर गिर पड़ा, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में कई अन्य लोग भी घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
एसआई जगदीश प्रसाद को उनकी वीरता और कर्तव्यनिष्ठा के लिए पहले भी सम्मानित किया जा चुका था। वर्ष 2019-20 में उन्हें हरियाणा के राज्यपाल द्वारा साहस और उत्कृष्ट सेवा के लिए मेडल दिया गया था। उनके शहीद होने के बाद हरियाणा के डीजीपी ने उन्हें शहीद का दर्जा देने की घोषणा की है।
किया गया ये एलान
सरकार ने शहीद इंस्पेक्टर के परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और घायलों को हर संभव मदद दी जाएगी।
उधर, फरीदाबाद पुलिस ने इस गंभीर हादसे की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया है। यह सूरजकुंड मेले में झूले से जुड़ा तीसरा हादसा बताया जा रहा है, जिससे मेले की सुरक्षा व्यवस्थाओं और आयोजकों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।