बहराइच जिले के भारत–नेपाल सीमा से सटे रूपईडीहा क्षेत्र में तैनात चार पुलिसकर्मियों को संदिग्ध तस्कर को छोड़ने और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों के चलते मंगलवार को लाइन हाजिर कर दिया गया। इस कार्रवाई की जानकारी पुलिस विभाग ने बुधवार को सार्वजनिक की।
ये है मामला
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह निर्णय देवीपाटन रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमित पाठक के निर्देश पर लिया गया। बहराइच के पुलिस अधीक्षक राम नयन सिंह द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि 25 जनवरी को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें रूपईडीहा थाने के चार पुलिसकर्मियों पर एक व्यक्ति को पकड़ने के बाद छोड़ देने और अवैध लेन-देन के आरोप लगाए गए थे।
आरोपों में मुख्य आरक्षी देवेंद्र यादव, अभिषेक धर द्विवेदी तथा आरक्षी आशीष सिंह और कुलदीप दुबे के नाम सामने आए थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस महानिरीक्षक के आदेश पर क्षेत्राधिकारी नानपारा से प्रारंभिक जांच कराई गई।
जांच में यह तथ्य सामने आया कि जिस व्यक्ति को पकड़कर छोड़ने की बात कही जा रही है, वह अब तक सामने नहीं आया है। साथ ही, साक्ष्यों से जुड़ी जानकारियां अभी जुटाई जा रही हैं। हालांकि, पुलिस विभाग का कहना है कि आरोपों की गंभीरता को देखते हुए तथा निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चारों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर किया गया है।
प्रेस नोट में यह भी स्पष्ट किया गया कि देवीपाटन रेंज में भ्रष्टाचार के प्रति ‘शून्य सहनशीलता’ की नीति अपनाई गई है। जांच पूरी होने के बाद प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
हो रही है जांच
फिलहाल इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी द्वारा की जा रही है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले 16 जनवरी को कोलकाता से अपहरण से जुड़े एक मामले में आरोपी को छोड़ने के बदले एक लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में तीन पुलिसकर्मियों को गोपनीय जांच के बाद निलंबित किया जा चुका है।