जालौन के उरई में कुठौंद थानाध्यक्ष अरुण कुमार राय की गोली लगने से हुई मौत के मामले में आरोपित महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा को बुधवार को कड़ी सुरक्षा के बीच जिला कारागार से सेशन कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस वैन के जरिए लाई गई आरोपी करीब एक घंटे तक अदालत में रही, जिसके बाद उसे वापस जेल भेज दिया गया। अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 30 मार्च निर्धारित की है।
इस मामले में विशेष जांच टीम (एसआईटी) पहले ही छह मार्च को 287 पेज की केस डायरी और आठ पेज का आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर चुकी है। मीनाक्षी शर्मा मेरठ जिले के फलावदा थाना क्षेत्र के दांदूपुर गांव की निवासी है।
ये था मामला
घटना पांच दिसंबर 2025 की रात की है, जब थानाध्यक्ष अपने सरकारी आवास में गंभीर रूप से घायल पाए गए थे। उनके सिर में गोली लगी थी। गोली चलने की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने उन्हें खून से लथपथ हालत में पाया। उसी दौरान मीनाक्षी शर्मा को वहां से निकलते देखा गया, जो यह कहती हुई जा रही थी कि अधिकारी ने खुद को गोली मार ली।
थानाध्यक्ष की पत्नी माया ने छह दिसंबर को महिला सिपाही के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था। इसके अगले दिन सात दिसंबर को पुलिस ने आरोपी को रोडवेज बस स्टैंड से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
6 बार हुई पेशी
अब तक आरोपी की छह बार पेशी हो चुकी है, जिनमें चार बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई हुई। पुलिस अधीक्षक के अनुसार मामले की जांच पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की गई है।