उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में कुठौंद थाना प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार राय की मौत का मामला लगातार गहराता जा रहा है। शुक्रवार देर रात थाना परिसर स्थित सरकारी आवास में इंस्पेक्टर राय की गोली लगने से मौत हो गई थी। पहली नजर में यह आत्महत्या जैसा मामला लगा, लेकिन घटनास्थल से मिले सुरागों और प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी ने इसे संदिग्ध बना दिया।
ये है मामला
घटना वाले रात पुलिसकर्मियों ने आवास के आसपास हलचल महसूस की और थोड़ी ही देर बाद गोली चलने की आवाज सुनाई दी। कमरे में पहुंचने पर इंस्पेक्टर राय जमीन पर गिरे मिले और पास में उनकी सर्विस पिस्टल पड़ी थी। प्रारंभिक जांच में दो स्थानों पर गोली लगने के निशान मिलने और एक महिला को आवास से बाहर निकलते देखे जाने की सूचना ने पुलिस को मामला हत्या की ओर इशारा करता नजर आया।
इसी बीच मृतक इंस्पेक्टर की पत्नी माया राय ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पति ने खुदकुशी नहीं की, बल्कि उनकी हत्या की गई है। उन्होंने डायल-112 में तैनात आरक्षी मीनाक्षी शर्मा को नामजद करते हुए उसके खिलाफ तहरीर दी। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने इस मामले को आत्महत्या मानने की धारणा छोड़ते हुए जांच तेज कर दी।
रविवार को कुठौंद पुलिस ने मीनाक्षी शर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ की और औपचारिक रूप से उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसके बाद उसे मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का आदेश दिया, जिसके बाद उसे उरई जिला कारागार में स्थानांतरित कर दिया गया।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि घटना के समय मीनाक्षी इंस्पेक्टर के आवास के पास क्यों मौजूद थी। क्या दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, या फिर यह मामला किसी निजी तनाव से जुड़ा है?
चल रही जांच
जांच अधिकारी अब फोरेंसिक रिपोर्ट, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, घटनास्थल के सबूत और गवाहों के बयान के आधार पर यह पता लगाने में जुटे हैं कि यह मौत आत्महत्या थी, हादसा था या योजनाबद्ध हत्या। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है और जल्द ही सच्चाई सामने लाई जाएगी।