पश्चिमी यूपी में रंगदारी और हत्या के मामलों से दहशत फैलाने वाला पवन उर्फ कल्लू आखिरकार आगरा में पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। शुक्रवार रात ताजगंज इलाके में यूपी एसटीएफ नोएडा यूनिट और आगरा पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे घेर लिया।
बताया जा रहा है कि घेराबंदी के दौरान कल्लू ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग की और बाइक से भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में लगी गोली से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल एसएन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
गैंग से लेकर जेल तक का सफर
कल्लू, रणदीप भाटी और अमित कसाना गैंग का शूटर था। वर्ष 2021 में हत्या के एक मामले में उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित हुआ था। बाद में दिल्ली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
जेल के दौरान उसका संपर्क हरियाणा के कुख्यात हिमांशु भाऊ गैंग से हुआ। वर्ष 2025 में जेल से बाहर आने के बाद उसने बड़े स्तर पर रंगदारी का नेटवर्क फिर से सक्रिय कर दिया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कल्लू दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बड़ी आपराधिक वारदात की योजना बना रहा था। एसटीएफ को इनपुट मिला कि वह आगरा के एकता क्षेत्र में मौजूद है। इसके बाद घेराबंदी की गई और मुठभेड़ हुई।
18 से ज्यादा केस, 4 हत्या शामिल
कल्लू के खिलाफ हत्या, रंगदारी, लूट समेत 18 से अधिक मुकदमे दर्ज थे। उसके पास से 9 एमएम की पिस्टल बरामद हुई, जिसे उसने वर्ष 2016 में एक सिपाही से लूटा था।