मुरादाबाद के सिविल लाइंस क्षेत्र में बुधवार रात एक हाईप्रोफाइल मुठभेड़ में कुख्यात बदमाश आशू उर्फ मोंटी ढेर कर दिया गया। यह वही बदमाश था, जिस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और जो पश्चिमी यूपी के कुख्यात उधम सिंह गैंग का शार्प शूटर माना जाता था। मुठभेड़ की कार्रवाई मेरठ एसटीएफ और मुरादाबाद पुलिस की संयुक्त टीमों ने की।
कई मामलों में फरार था बदमाश
जानकारी के अनुसार, मोंटी ने मुरादाबाद के सिविल लाइंस क्षेत्र के प्रेम नगर स्थित वजीर चंद्र एक्सपोर्ट फर्म के मालिक अरशू ढल से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। आरोपी ने पहले मोबाइल और व्हाट्सएप के जरिए धमकियां दी, फिर बाइक सवार साथी के साथ फर्म पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। निर्यातक की रिपोर्ट के बाद पुलिस अलर्ट हो गई और मोंटी की तलाश शुरू हुई।
पुलिस टीम ने बुधवार रात उसे सिविल लाइंस क्षेत्र के पोस्टमार्टम हाउस के पास घेरा। जैसे ही मोंटी ने फायरिंग शुरू की, पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। उसे पेट और सीने के पास दो गोली लगीं और वह मौके पर गिर पड़ा। पुलिस ने उसे जिला अस्पताल ले जाकर मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के अनुसार, आशू उर्फ मोंटी का आपराधिक इतिहास लंबा है। 2010 में उसने अपने गांव मीरापुर में फावड़े से हत्या की, 2014 में मेरठ में दो हत्याओं में शामिल रहा और 2016-2017 में लूट और हत्या के प्रयास में पकड़ा गया। जेल में रहते हुए वह उधम सिंह गैंग से जुड़ा और बाहर आने के बाद रंगदारी और अपराध की वारदातें शुरू कर दी।
एसएसपी ने दी जानकारी
एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि मोंटी पश्चिमी यूपी और एनसीआर में बड़े अपराधों में सक्रिय था और यह कार्रवाई अपराधियों के खिलाफ बड़ी सफलता मानी जा रही है। मुरादाबाद पुलिस और एसटीएफ की टीमों ने मिलकर न केवल रंगदारी मांगने वाले कुख्यात अपराधी को ढेर किया, बल्कि इलाके में कानून व्यवस्था को मजबूत किया।