पुलिस की आंखों में मिर्च झोंककर फरार हुआ था कैदी, 13 साल बाद आखिरकार दबोचा गया एक लाख का इनामी

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उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में 13 साल पुराने एक सनसनीखेज मामले का अंत आखिरकार हो गया। पुलिस कस्टडी के दौरान तैनात जवानों की आंखों में मिर्ची पाउडर डालकर, सरकारी राइफल छीनकर फरार हुआ एक लाख रुपये का इनामी बदमाश संदीप मिश्रा पुलिस के हत्थे चढ़ गया। लंबे समय से फरार चल रहा यह अपराधी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया।

 कैसे दिया था पुलिस को चकमा

संदीप मिश्रा, जो मूल रूप से चित्रकूट जिले के खोह गांव का रहने वाला है, वर्ष 2012 में हत्या के एक मामले में मंडल कारागार बांदा में बंद था। 8 अगस्त 2012 को उसे 12 अन्य बंदियों के साथ पेशी के लिए चित्रकूट ले जाया जा रहा था।

अतर्रा थाना क्षेत्र में गड़रा नाले के पास अचानक कैदी वाहन में बैठे बंदियों ने साजिश के तहत एक पुलिसकर्मी की आंखों में मिर्ची पाउडर डाल दिया। अफरा-तफरी के बीच उन्होंने पुलिस की राइफल छीन ली और उसी से फायरिंग करते हुए संदीप समेत सभी 13 कैदी फरार हो गए। यह घटना उस समय पुलिस महकमे के लिए बड़ी चुनौती बन गई थी।

घटना के बाद एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए करीब तीन साल के भीतर 12 फरार कैदियों को दोबारा पकड़कर जेल भेज दिया। लेकिन इस पूरे कांड का मुख्य आरोपी संदीप मिश्रा पुलिस को लगातार चकमा देता रहा।

उसकी गिरफ्तारी के लिए एडीजी जोन स्तर से एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। अतर्रा थाने में उसके खिलाफ आईपीसी की कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज था, इसके बावजूद वह सालों तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा।

चेकिंग के दौरान हुआ आमना-सामना

शुक्रवार को मटौंध थाना पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम भूरागढ़ बाईपास इलाके में वाहनों और संदिग्ध लोगों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि सोना खदान के पास एक व्यक्ति हथियार के साथ मौजूद है।

पुलिस ने घेराबंदी की तो आरोपी ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी, जिससे वह घायल हो गया। इसके बाद उसे दबोच लिया गया।

घायल अवस्था में संदीप को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत अब खतरे से बाहर है।

 पुलिस का बयान

अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने बताया कि आरोपी लंबे समय से पहचान छिपाकर अलग-अलग जगहों पर रह रहा था। बीते छह महीनों से एसटीएफ, मटौंध पुलिस और एएसपी मेविस टॉक के नेतृत्व में उसे पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा था।

पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्च डालकर फरार होने की पूरी योजना पहले से बना रखी थी और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदलता रहा।

 

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