महाशिवरात्रि के अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को सम्मानजनक अनुभव देने के लिए पुलिस प्रशासन ने विशेष तैयारी की है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि मंदिर क्षेत्र में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को सॉफ्ट स्किल का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि श्रद्धालुओं के साथ व्यवहार सौम्य और सहयोगात्मक बना रहे।
दिए सख्त निर्देश
बृहस्पतिवार को मंदिर परिसर स्थित त्र्यंबकेश्वर हॉल में आयोजित बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी श्रद्धालु सम्मान, सुरक्षा और सहयोग के हकदार हैं। इसी के तहत पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं को ‘सर’ और ‘मैडम’ कहकर संबोधित करेंगे तथा हाथ जोड़कर उनका अभिवादन करेंगे। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि धार्मिक आस्था के इस बड़े पर्व पर श्रद्धालुओं को सकारात्मक और सुरक्षित माहौल मिले।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में कठोर भाषा, अभद्र व्यवहार या अपशब्द बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, दिव्यांगजनों और दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं के प्रति अतिरिक्त संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।
अभद्रता करने वालों पर होगी कार्रवाई
मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए सीसीटीवी कैमरों के जरिए पुलिसकर्मियों के व्यवहार और व्यवस्थाओं की निगरानी कंट्रोल रूम से की जाएगी। यदि किसी स्तर पर लापरवाही, अनुचित आचरण या अभद्रता की शिकायत सामने आती है तो संबंधित कर्मी के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।