लखनऊ में कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार पर सरकार और पुलिस की सख्ती साफ दिखाई दी। इस मामले को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में डीजीपी राजीव कृष्ण ने स्पष्ट किया कि बीते दो महीनों से प्रदेश में इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एफएसडीए और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में भंडारण, अवैध बिक्री और डायवर्जन के कई मामलों का खुलासा हुआ है।
तेज की गई छापेमारी
डीजीपी के अनुसार, जांच की शुरुआत मध्य प्रदेश से प्राप्त इनपुट के बाद की गई, जिसके बाद उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में छापेमारी तेज की गई। शेड्यूल एच के तहत आने वाले कोडीन युक्त सिरप को नियमों की अनदेखी कर बेचे जाने पर अब तक 128 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। इस कार्रवाई के दौरान 32 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई किसी एक स्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि सोनभद्र, गाजियाबाद और अन्य क्षेत्रों में भी सिंडिकेट के खिलाफ गिरफ्तारी हुई है। पूरे नेटवर्क की पहचान की जा चुकी है और पांच बड़े सुपर स्टॉकिस्ट को चिन्हित किया गया है, जिनमें से तीन को गिरफ्तार किया जा चुका है।
एसआईटी गठित
डीजीपी ने कहा कि मामला संगठित गिरोह से जुड़ा होने के चलते अब इसकी जांच के लिए शासन स्तर पर एसआईटी गठित की गई है। यह टीम आईजी स्तर के अधिकारी की अगुवाई में काम करेगी, ताकि पूरे नेटवर्क की परत-दर-परत जांच की जा सके और दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो।