लखनऊ/पूर्णिया। उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने सोमवार देर शाम बिहार के पूर्णिया जिले से विवादित इस्लामी वक्ता मौलाना अब्दुल्ला सलीम को गिरफ्तार कर लिया। मौलाना अब्दुल्ला सलीम पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की माता और गौमाता के खिलाफ आपत्तिजनक और गाली-गलौज वाली भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप है। उनका यह बयान एक धार्मिक सभा के दौरान मार्च के शुरुआत में दर्ज किया गया वीडियो वायरल होने के बाद सामने आया।
कई जगहों दर्ज हुए केस
वीडियो वायरल होने के बाद बलरामपुर, बहराइच, बस्ती, सीतापुर और कानपुर सहित कई जिलों में एफआईआर दर्ज की गई थी। इस बयान को लेकर समाज में भावनाओं को भड़का देने का आरोप लगाया गया। घटना के बाद यूपी पुलिस की कई टीमें अलर्ट पर थीं और एसटीएफ ने सादी वर्दी में कार्रवाई करते हुए स्थानीय पुलिस के सहयोग से मौलाना को हिरासत में लिया।
गिरफ्तारी के समय कुछ भ्रम की स्थिति भी पैदा हुई थी, क्योंकि स्थानीय लोगों ने पुलिसकर्मियों को सादी वर्दी में मौलाना को ले जाते देखा और उन्हें अपहरण का शक हुआ। मामला तब शांत हुआ जब स्थानीय विधायक ने परिवार को आश्वासन दिया और कानूनी कार्रवाई की पुष्टि की।
लाया गया यूपी
इस विवाद के चलते बीजेपी के नेताओं ने कड़ी कार्रवाई की मांग की। सांसद और अभिनेता बने रवि किशन ने भी मौलाना की टिप्पणियों की निंदा की और कहा कि भारतीय संस्कृति में मां का सर्वोच्च सम्मान है। वहीं, VHP नेताओं ने भी इसे भड़काऊ और सांप्रदायिक शांति को भंग करने वाला बताया और राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत विचार करने की मांग उठाई।
अब मौलाना अब्दुल्ला सलीम को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए उत्तर प्रदेश लाया गया है। पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और समाज में शांति बनाए रखने के लिए सतर्कता बढ़ाई गई है।