लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस की तकनीकी क्षमताओं को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी मान्यता मिली है। पुलिस मुख्यालय की तकनीकी सेवाएं इकाई को उत्कृष्ट कार्यप्रणाली और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं के लिए आईएसओ प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। यह उपलब्धि तकनीकी संचालन, प्रबंधन और सेवा मानकों को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
डीजीपी के निर्देशन में मिली सफलता
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के निर्देशन और अपर पुलिस महानिदेशक (तकनीकी सेवाएं) नवीन अरोरा के मार्गदर्शन में यह सफलता हासिल हुई है। तकनीकी सेवाएं मुख्यालय द्वारा अपनाए गए उच्च गुणवत्ता मानकों, पारदर्शी कार्य प्रणाली और प्रभावी प्रबंधन को देखते हुए यह प्रमाणन प्रदान किया गया। अधिकारियों के अनुसार, यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश पुलिस के तकनीकी आधुनिकीकरण की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
तकनीकी सेवाएं मुख्यालय द्वारा क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (CCTNS) के संचालन, तकनीकी सहायता, उपकरणों की खरीद और रखरखाव जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। इसके साथ ही पुलिस कर्मियों को आधुनिक तकनीक से लैस करने के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। नई तकनीकों के एकीकरण और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के प्रयास लगातार जारी हैं।
गुणवत्ता में हुआ सुधार
प्रशासनिक प्रक्रियाओं को भी व्यवस्थित और मानकीकृत किया गया है, जिससे कार्यों में पारदर्शिता, दक्षता और गुणवत्ता सुनिश्चित हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रमाण पत्र से न केवल तकनीकी सेवाओं की विश्वसनीयता बढ़ेगी, बल्कि पुलिसिंग को और अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।