उत्तर प्रदेश पुलिस में महिलाओं की भागीदारी लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है और आने वाले समय में यह बल देश में महिला कर्मियों की संख्या के मामले में सबसे आगे होगा। वर्ष 2017 तक जहां प्रदेश पुलिस में महिलाओं की संख्या महज करीब 10 हजार थी, वहीं अब यह आंकड़ा चार गुना से अधिक बढ़कर लगभग 44 हजार तक पहुंच चुका है। मौजूदा और प्रस्तावित भर्तियों को देखते हुए इस साल के अंत तक यूपी पुलिस में महिला कर्मियों की संख्या 50 हजार के पार पहुंचने की पूरी संभावना है, जो इसे देश में शीर्ष स्थान दिलाएगी।
इस भर्ती से होगा बदलाव
वर्तमान में चल रही 32,679 सिपाही पदों की सीधी भर्ती में भी महिलाओं की मजबूत मौजूदगी देखने को मिलेगी। अनुमान है कि इनमें करीब 4,500 महिलाएं सिपाही के रूप में और लगभग 1,000 महिलाएं उपनिरीक्षक पद पर चयनित होंगी। इससे पहले भी वर्ष 2023 में हुई 60,244 सिपाहियों की भर्ती में 12 हजार से अधिक महिलाओं ने चयनित होकर अपनी ताकत दिखाई थी।
इस बार की भर्ती प्रक्रिया में नागरिक पुलिस के साथ-साथ पीएसी में भी महिलाओं को पर्याप्त अवसर मिल रहे हैं। नागरिक पुलिस में 2,000 से अधिक और पीएसी में 2,282 पदों पर सीधी भर्ती प्रस्तावित है। इसके अलावा 108 महिला जेल वार्डर पदों पर भी नियुक्तियां होंगी।
अगस्त माह में उपनिरीक्षक पदों के लिए आमंत्रित आवेदनों के तहत नागरिक पुलिस में लगभग 850 महिला उपनिरीक्षक और पीएसी की महिला वाहिनियों में 108 प्लाटून कमांडर नियुक्त किए जाने की तैयारी है।
सिर्फ पुलिस ही नहीं, बल्कि होमगार्ड विभाग में भी महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ रही है। लगभग 42 हजार होमगार्ड पदों पर चल रही भर्ती में 20 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए निर्धारित की गई हैं।
जल्द पहले नंबर पर होगा यूपी
देश के अन्य राज्यों से तुलना करें तो भले ही महिला पुलिस अनुपात में लद्दाख, आंध्र प्रदेश और चंडीगढ़ आगे हों, लेकिन कुल संख्या के लिहाज से उत्तर प्रदेश तेज़ी से सबसे बड़े महिला पुलिस बल की ओर बढ़ रहा है। मौजूदा रफ्तार को देखते हुए यह साफ है कि यूपी पुलिस जल्द ही महिलाओं की भागीदारी में देश का सिरमौर बनने जा रही है।