उत्तर प्रदेश में पुलिस उप निरीक्षक और समकक्ष पदों की भर्ती परीक्षा को लेकर सरकार ने इस बार बेहद सख्त रुख अपनाया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने साफ कर दिया है कि परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी जिलाधिकारियों, पुलिस आयुक्तों और वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि परीक्षा प्रक्रिया के हर चरण पर कड़ी निगरानी रखी जाए।
14–15 मार्च को दो पालियों में परीक्षा
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित यह भर्ती परीक्षा 14 और 15 मार्च को आयोजित होगी। परीक्षा दो पालियों में होगी—
* पहली पाली: सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक
* दूसरी पाली: दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक
इस भर्ती के माध्यम से कुल 4543 पद भरे जाएंगे। राज्यभर में 1090 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं और लगभग 15,75,760 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। बड़ी संख्या को देखते हुए सुरक्षा इंतजामों को विशेष रूप से मजबूत किया गया है।
परीक्षा केंद्रों पर सख्त एंट्री नियम
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्रों पर केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को प्रवेश मिलेगा जिनके पास—
* वैध प्रवेश पत्र
* मान्य फोटो पहचान पत्र
* काले या नीले रंग का पेन
बिना इन दस्तावेजों के किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जाएगा। केंद्रों पर पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती रहेगी और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
गोपनीय सामग्री की कड़ी निगरानी
परीक्षा की गोपनीय सामग्री को कोषागार में सुरक्षित रखने के लिए विशेष कक्ष निर्धारित किए गए हैं। इन कक्षों में—
* केवल एक प्रवेश द्वार
* अंदर और बाहर सीसीटीवी कैमरे
* पर्याप्त रोशनी
* निर्बाध इंटरनेट सुविधा
* कम से कम दो सुरक्षाकर्मी
की व्यवस्था अनिवार्य की गई है। पूरी व्यवस्था की जिम्मेदारी नोडल अधिकारी (प्रशासन) को सौंपी गई है। परीक्षा सामग्री को केंद्रों तक पहुंचाने के लिए सुरक्षित और कम दूरी वाले मार्ग का चयन कर विस्तृत रूट मैप तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। अधिकारियों को चेताया गया कि किसी एक स्थान पर भी लापरवाही पूरे परीक्षा तंत्र को प्रभावित कर सकती है, इसलिए हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाए।
डायल-112 और पुलिस निगरानी
परीक्षा केंद्रों के आसपास डायल-112 की गाड़ियों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई हो सके। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा ने सभी अधिकारियों को बोर्ड द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।