गोरखपुर। उत्तर प्रदेश पुलिस आपात स्थितियों में आम लोगों तक समय पर मदद पहुंचाने और सुरक्षा के प्रति भरोसा मजबूत करने के लिए यूपी-112 के जरिए विशेष जन-जागरूकता अभियान शुरू कर रही है। “जन-जागरूकता की बात, जन-जन के साथ” थीम पर आधारित यह अभियान 20 दिसंबर से 27 दिसंबर 2025 तक चलेगा। अभियान की निगरानी यूपी-112 की पुलिस महानिदेशक श्रीमती नीरा रावत स्वयं कर रही हैं।
मिलेगी ये सुविधाएं
यह अभियान केवल एक जिले तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई संवेदनशील और आबादी वाले जिलों तक पहुंचेगा। गोरखपुर जोन के गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और महाराजगंज के अलावा बहराइच, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बस्ती, सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर में भी इसे चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा। प्रत्येक जिले में दो दिनों तक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को यह भरोसा दिलाना है कि संकट की घड़ी में पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए हर समय उपलब्ध है। इसके तहत यूपी-112 की आपात सेवाओं, महिलाओं के लिए नाइट एस्कॉर्ट सुविधा और वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित ‘सवेरा योजना’ की विस्तृत जानकारी दी जाएगी, ताकि जरूरत पड़ने पर लोग बिना झिझक पुलिस से संपर्क कर सकें।
मौसम को देखते हुए अभियान में सड़क सुरक्षा को भी अहम हिस्सा बनाया गया है। कोहरे के दौरान सुरक्षित वाहन संचालन, फॉग लाइट का सही इस्तेमाल, धीमी गति से ड्राइविंग और आपात स्थिति में तत्काल सहायता लेने जैसे विषयों पर लोगों को जागरूक किया जाएगा।
प्रचार टीमों का किया गया गठन
पुलिस और जनता के बीच संवाद को मजबूत करने के लिए तीन विशेष प्रचार टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें स्कूलों, कॉलेजों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और भीड़भाड़ वाले इलाकों में नुक्कड़ नाटकों, एलईडी वैन और संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से सीधे लोगों से जुड़ेंगी। हर टीम में पुलिस अधिकारी और प्रशिक्षित प्रचारक शामिल होंगे।
20 दिसंबर से गोरखपुर, बहराइच और बस्ती में अभियान की शुरुआत होगी। पुलिस का यह प्रयास साफ संकेत देता है कि यूपी में सुरक्षा केवल व्यवस्था नहीं, बल्कि जनता के साथ साझेदारी है।