उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और सीतापुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 07 अगस्त 2025 को पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी हत्याकांड के दो वांछित शूटर मार गिराए गए। मारे गए बदमाशों की पहचान रिजवान उर्फ राजू तिवारी और शिब्बू उर्फ शकील ख़ान उर्फ संजय तिवारी के रूप में हुई है। दोनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था और ये कई दिनों से फरार चल रहे थे। इस बारे में जानकारी देते हुए एडीजी ने होगी सरकार में हुई मुठभेड़ों का भी जिक्र किया।
एडीजी ने दी जानकारी
एडीजी लॉ एंड ऑर्डर, उत्तर प्रदेश, अमिताभ यश ने जानकारी दी कि यह कार्रवाई STF और सीतापुर पुलिस की टीम ने मिलकर की। दोनों इनामी अपराधियों की तलाश लंबे समय से जारी थी। पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी की गोली मारकर हत्या के मामले में ये आरोपी मुख्य रूप से शामिल थे और पुलिस को इनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष निर्देश दिए गए थे।
एडीजी ने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस अपराध और अपराधियों के सफाए के लिए निरंतर कार्रवाई कर रही है। 20 मार्च 2017 से 06 अगस्त 2025 तक पुलिस मुठभेड़ों में 243 अपराधी मारे गए और 31,016 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। इन अभियानों में पुलिस को भी भारी कीमत चुकानी पड़ी—18 पुलिसकर्मी शहीद हुए और 1,720 पुलिसकर्मी घायल हुए।

हाल ही में हुई ये मुठभेड़
अधिकारियों के अनुसार, इन मुठभेड़ों ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। STF और स्थानीय पुलिस की तत्परता से कई बड़े आपराधिक गिरोहों का सफाया किया गया है, जिससे आमजन में सुरक्षा की भावना बढ़ी है।
पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी हत्याकांड का यह अहम मोड़ माना जा रहा है, क्योंकि इस घटना ने प्रदेशभर में सनसनी फैला दी थी। दोनों इनामी अपराधियों के मारे जाने से पीड़ित परिवार को न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम मिला है, वहीं पुलिस के इस ऑपरेशन ने यह संदेश दिया है कि अपराधियों के लिए उत्तर प्रदेश में कोई जगह नहीं है।