लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण आदेशों के अनुपालन में हो रही देरी को गंभीरता से लेते हुए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यालय ने सभी इकाइयों को साफ चेतावनी दी है कि अब स्थानांतरण आदेशों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आदेश मिलने के बाद 10 दिन के भीतर नए पद पर कार्यभार ग्रहण करना अनिवार्य कर दिया गया है।
आदेशों की अनदेखी से विभागीय छवि पर असर
मुख्यालय से जारी आदेश में कहा गया है कि हाल के दिनों में यह देखा गया है कि कई अधिकारियों/कर्मचारियों को जारी स्थानांतरण आदेशों का समय से पालन नहीं किया जा रहा। इस कारण विभाग की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और न्यायालय तक को प्रतिकूल टिप्पणी करनी पड़ती है।
पुलिस महानिदेशक ने 25 नवंबर 2020 के परिपत्र का हवाला देते हुए याद दिलाया कि उच्चाधिकारियों द्वारा जारी स्थानांतरण आदेशों का पालन तुरंत होना चाहिए। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी आदेश के अनुपालन से बचने की कोशिश करता है तो उसे गंभीर अनुशासनहीनता माना जाएगा।

नए आदेश में स्पष्ट किया गया है कि स्थानांतरण आदेश जारी होने के बाद अधिकारी/कर्मचारी को 10 दिन के अंदर-अंदर नए पद पर कार्यभार ग्रहण करना होगा। यदि इस अवधि में कार्यभार नहीं संभाला जाता है तो संबंधित अधिकारी/कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यालय ने यह भी कहा है कि जैसे ही कोई अधिकारी/कर्मचारी नए पद पर कार्यभार ग्रहण करता है, उसकी सूचना और प्रमाण पत्र तत्काल मुख्यालय, स्थापना अनुभाग को भेजना अनिवार्य होगा। ताकि रिकॉर्ड में स्पष्ट रहे और आगे किसी तरह का भ्रम न हो।
मुख्यालय का सख्त रुख
मुख्यालय ने यह निर्देश सभी जोन, रेंज और जनपदों के पुलिस प्रमुखों को भेजा है और स्पष्ट किया है कि स्थानांतरण आदेशों के पालन में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। आदेश का अनुपालन न करने वालों की जवाबदेही तय होगी और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।