स्थानांतरण आदेश में न्यायालयीन मामलों की जानकारी देना अब अनिवार्य, UP Police मुख्यालय ने सभी जिलों को भेजा निर्देश

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उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने 2025 में जारी किए गए स्थानांतरण आदेशों को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। अब किसी भी पुलिस अधिकारी/कर्मचारी का स्थानांतरण करते समय संबंधित अधिकारी को यह स्पष्ट करना होगा कि उस पर कोई न्यायालयीन वाद या स्थगन आदेश (Stay Order) लंबित तो नहीं है।

मुख्यालय ने जारी किया आदेश

मुख्यालय से जारी आदेश में कहा गया है कि पिछले कुछ स्थानांतरण आदेशों के खिलाफ न्यायालयों में याचिकाएं दाखिल की गई थीं, जिनमें कहा गया कि आदेश बिना जानकारी के जारी किए गए। ऐसे में कई स्थानांतरण आदेशों पर रोक लगी और विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न खड़े हुए।

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निर्देशो का दिया हवाला

पुलिस महानिदेशक कार्यालय ने 26 अगस्त, 10 और 25 सितंबर तथा 10 अक्टूबर 2025 को जारी निर्देशों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि स्थानांतरण आदेश के साथ यह घोषणा देना आवश्यक होगा कि संबंधित अधिकारी/कर्मचारी पर किसी न्यायालयीन प्रक्रिया की जानकारी नहीं छिपाई गई है।

सभी ज़ोन, रेंज व जनपद के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि किसी भी स्थानांतरण प्रस्ताव के साथ संबंधित अधिकारी/कर्मचारी की न्यायिक स्थिति की जानकारी लिखित प्रमाण में अनिवार्य रूप से संलग्न की जाए। इस कदम का उद्देश्य स्थानांतरण प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और न्यायालयीन अड़चनों से मुक्त बनाना है, जिससे विभागीय कार्यों में एकरूपता और अनुशासन बना रहे।

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