लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस ने साइबर अपराधों से लड़ाई के अपने अभियान को और तेज करते हुए 1930 साइबर हेल्पलाइन कॉल सेंटर को आधुनिक रूप में पुनः शुरू किया है। इस दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों से इसके बार में न सिर्फ जानकारी ली, बल्कि उन्हें निर्देश भी दिए।
सातों दिन होगा संचालन
डीजीपी राजीव कृष्ण द्वारा इस अत्याधुनिक कॉल सेंटर का उद्घाटन किया गया, जो अब 24 घंटे और सातों दिन (24×7) संचालित होगा। इसमें कुल 30 सीटों की क्षमता है और 94 प्रशिक्षित कर्मी नियुक्त किए गए हैं, जो वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के डिजिटल उत्तर प्रदेश के विजन से प्रेरित इस पहल को प्रदेश में जन-केंद्रित और तकनीक-सक्षम पुलिसिंग की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
हटाई गई सीमा
अब तक साइबर अपराधों की एफआईआर केवल 5 लाख रुपये से अधिक की ठगी पर दर्ज होती थी, लेकिन नई व्यवस्था के तहत यह सीमा हटा दी गई है, जिससे हर नागरिक को न्याय मिलने की राह आसान हुई है। साथ ही सभी पुलिस जोनों में साइबर कमांडो की तैनाती भी की गई है।
इसके अलावा, राज्य भर में बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं ताकि साइबर अपराध जांच में तकनीकी दक्षता बढ़ाई जा सके। यूपी पुलिस की यह पहल साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए एक निर्णायक मोड़ मानी जा रही है।