मेरठ वसूली कांड में दोनों दारोगा गिरफ्तार, काफी समय से थी पुलिस को तलाश

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मेरठ में धागा कारोबारी से कथित वसूली के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस प्रकरण में मेरठ पुलिस ने कड़ा कदम उठाते हुए लोहियानगर थाने में तैनात रहे दो उपनिरीक्षकों को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि दोनों अधिकारियों ने कारोबारी को फर्जी एनकाउंटर की धमकी देकर 20 लाख रुपये ऐंठ लिए। टीपीनगर क्षेत्र के निवासी रासिक ने इस संबंध में एसएसपी अविनाश पांडे से शिकायत की थी।

दोनों थे ईनामी

शिकायत मिलने के बाद एसएसपी के निर्देश पर मामले की जांच कराई गई। जांच में आरोप सही पाए जाने पर लोकेंद्र साहू और महेश कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। गिरफ्तारी के लिए तीन विशेष टीमें गठित की गईं, लेकिन दोनों आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस ने उन पर 25-25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था।

एफआईआर दर्ज होते ही दोनों उपनिरीक्षकों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए और थाने से गायब हो गए। पुलिस ने उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम में लापरवाही और संदिग्ध भूमिका के चलते इंस्पेक्टर योगेश चंद्र के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है।

एसएसपी ने दी जानकारी 

एसएसपी अविनाश पांडे ने बताया कि कुछ व्यक्तियों द्वारा पुलिस की वर्दी का दुरुपयोग कर धागा व्यापारी से अवैध वसूली किए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद व्यापारियों से पूछताछ की गई और संदिग्ध पुलिसकर्मियों पर निगरानी रखी गई। जांच में लोहियानगर थाने में तैनात दो उपनिरीक्षकों की संलिप्तता सामने आई। अधिकारियों का कहना है कि दोनों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और थानाध्यक्ष की भूमिका की भी जांच जारी है।

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