10 साल की बच्ची से गैंगरेप, एक का शॉर्ट एनकाउंटर, दूसरा भी गिरफ्तार

देश की राजधानी दिल्ली से सटे यूपी के गाजियाबाद में कानून व्यवस्था सवालों के घेरे में है। आए दिन यहां लूटपाट और रेप जैसी आपराधिक घटनाएं घट रही हैं।अपराधियों और आपराधिक घटनाओं पर रोक लगाने के बड़े दावे यूपी पुलिस की ओर से किए जाते हैं लेकिन गाजियाबाद में अपराध अपने चरम पर हैं. पुलिस के लगातार प्रयासों के बावजूद अपराधियों पर लगाम लगाने में नाकाम नजर आ रही है. गाजियाबाद के लोनी इलाके में एक बार फिर गैंग रेप जैसी शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है.

लोनी थाना इलाके में 10 वर्षीय बच्ची के साथ कार सवार दो लोगों ने गैंग रेप की घिनौनी घटना को अंजाम दिया है. बच्ची अपने घर से इलाके में निकल रही एक बारात देखने के लिए निकली थी और बारात के साथ आगे जाने पर रास्ता भटक गई, तभी दो लोगों ने एक कार में बैठाकर मासूम बच्ची को हवस का शिकार बनाया.

बच्ची की मां की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है और दूसरे आरोपी के दोनों पैरों में पुलिस से मुठभेड़ के दौरान गोलियां लगी हैं. घटना के दोनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

कहा था अगले मोड़ पर मिलेंगे यूपी पुलिस के यमराज…. मासूम संग दरिंदगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने एनकाउंटर में धर दबोचा

उत्तर प्रदेश पुलिस ने रेप के बाद बच्ची की हत्या करने वाले हैवान को एनकाउंटर कर दबोचा है. मामला जनपद बुलंदशहर का है जहां खानपुर क्षेत्र के इसनपुर रोड पर मासूम को अगवा करने के बाद रेप और फिर हत्या करने वाले हैवान से पुलिस की मुठभेड़ हुई. दरअसल 6 दिसंबर को गांव के ही रहने वाले 55 वर्षीय आरोपी सतीश चौधरी ने 9 वर्षीय बच्ची को अगवा कर लिया था और गांव के ही जंगल में ले जाकर रेप के बाद हत्या कर दी थी.

हालांकि हत्यारा सीसीटीवी कैमरे में 9 वर्षीय किशोरी को ले जाते दिख रहा था, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी सतीश चौधरी को गिरफ्तार करने का प्रयास किया लेकिन सतीश ने पुलिस पर फायरिंग कर दी. इसके बाद जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से सतीश घायल हो गया. फिलहाल पुलिस ने घायल अवस्था में जिला अस्पताल में भर्ती कर दिया है, जहां घायल का उपचार चल रहा है.

दरिंदे ने बच्ची से रेप के बाद हत्या कर ईख के खेत में उसका शव फेंक दिया था. इसके बाद बच्ची के शव को जंगली जानवरों ने भी अपना निवाला बनाया. दो दिन पहले ही पुलिस ने बच्ची के शव को बरामद किया है और इसके बाद हत्यारे से पुलिस की मुठभेड़ हुई है. पूरे मामले में जानकारी देते हुए सीओ स्याना भास्कर मिश्रा ने बताया कि बीते 6 दिसंबर को एक बच्ची गांव से गायब हुई थी. इसके बाद पुलिस ने बच्ची को काफी खोजने का प्रयास किया लेकिन गांव के 55 वर्षीय सतीश चौधरी ने बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या कर ईख के खेत में शव को फेंक दिया था.
दो दिन पहले पुलिस ने शव बरामद कर आज हत्यारे को पुलिस ने गिरफ्तार करने का प्रयास किया. इस दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी. जवाबी कार्रवाई में दुराचारी हत्यारे को पैर में गोली लगी है घायल अवस्था में जिला अस्पताल में भर्ती कराया है.

167 डिप्टी एसपी और सीओ केे ट्रांसफर लिस्ट ने सवाल किए खड़े….5,10,15,21,26,33,36,61,74 नंबर वालों को उसी जनपद में कैसे मिली पोस्टिंग

उत्तर प्रदेश में हर बार की तरह चुनावी गैम से पूर्व पुलिस विभाग में बंपर स्तर के तबादलों की लंबी फेहरिस्त तैयार कर कुर्सियों पर जमें पुलिसकर्मियों को यहां वहां किया गया है। ऐसे में जहां छोटे स्तर पर तैनात पुलिसकर्मियों के लिए जिला अधिकारियों द्वारा तबादला एक्सप्रेस को हरी झंडी कई बार दिखाई गई तो, वहीं दूसरी तरफ समय समय पर आईपीएस अधिकारियों के तबादलों ने भी खलबली मचा दी। निरंतर पुलिस विभाग में होते तबादले इस बात की तरफ यह भी संकेत करते दिखाई दे रहे हैं कि आने वाले चुनावी मौसम से पहले अभी कई अन्य आईपीएस अधिकारियों के माथे पर तबादले को लेकर चिंता की लकीरे बनी हुई हैं। ऐसे में योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपने ट्रांसफर फार्मूले के पैंतरे को आजमाते हुए यूपी पुलिस में बड़ा फेरबदल किया है।

167 डिप्टी एसपी और सीओ का तबादला

पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर फेरबदल किया गया है। जिसमें बुधवार को 167 डिप्टी एसपी और सीओ का ट्रांसफर किया गया। इस फरमान के तहत पुलिस विभाग में तैनात सहायक पुलिस आयुक्त/पुलिस उपाधीक्षकों के बंपर तबादलने की सूची जारी की गई है। लेकिन जारी की गई डिप्टी एसपी तबादला लिस्ट ने कहीं ना कहीं एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं वजह साफ क्योंकि सीरियल नम्बर 5, 10, 15, 21, 26, 33, 36, 61, 74 नम्बर वालों को उसी जनपद में पोस्टिंग मिली है जहां उनकी पहले तैनाती थी।

तबादले
यूपी पुलिस

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कई नाम ऐसे जिन्हें मिली उसी जिले में तैनाती

तबादला लिस्ट में इन नंबरों पर गौर किया जाए तो इन संख्याओं में छीपे जो नाम है उन्हे उसी जिले में ही पोस्टिंग मिलना सिफारिश या मलाईदार ठीकानों की तरफ इशारा कर रहा है। कयासत यह भी लगाए जा रहे हैं कि कहीं उसी जिले में पोस्टिंग पाने के लिए कोई बड़ा खेल तो नहीं खेला गया, या फिर अधिकारियों की रहमत का कर्म है, वजह चाहे तो भी हो लेकिन इस बार हुए इन तबादलों ने कहीं ना कहीं अपनी तरफ ध्यान खिंच ही लिया है। अब देखना यह होगा की आखिर किसी बड़े अधिकारी की पैनी नजर इन अंकित नामों पर पढ़ती है या फिर इन चुनिंदा नामों पर रहमो कर्म ऐसे ही बरकरार रहेगा

इन्हे किया ईधर से ऊधर

ट्रांसफर लिस्ट के मुताबिक, हीरालाल कन्नौजिया सीओ बहराइच बनाए गए हैं। वहीं कमलेश कुमार सीओ कन्नौज, देवेंद्र सिंह CO कानपुर देहात बनाए गए है। राजवीर सिंह बांदा, विजय पाल सिंह को मैनपुरी में तैनाती दी गई है। वहीं रविकांत पराशर सहारनपुर, राममोहन शर्मा औरैया भेजे गए है।

CM की सख्ती के बाद सड़क पर उतरे अफसर…हटवाया अतिक्रमण

गोरखपुर शहर में 253 दुकानों के सामने से अतिक्रमण हटाया गया है। अफसरों ने दुकानदारों को चेतावनी दी-अभी चेता रहे हैं, नहीं माने तो जुर्माना और केस दर्ज कर पुलिस कार्रवाई करेगी। मकसद है कि आम लोगों को सड़क के चौड़ीकरण का फायदा मिले और जाम की वजह से परेशान न होना पड़े। रेलवे स्टेशन पर अभियान के तहत अतिक्रमण हटाते एसडीएम व एएसपी मानुष पारिक। गोरखपुर शहर में अव्यवस्थित ऑटो, ई-रिक्शा, अतिक्रमण से लगने वाले जाम को लेकर सीएम ने नाराजगी जताई तो बृहस्पतिवार को पुलिस और प्रशासनिक अफसर सड़क पर नजर आए

फिर संयुक्त अभियान चला और चौराहों पर खड़े 107 ई-रिक्शा को सीज किया गया। इतना ही नहीं, सड़कों पर कब्जा कर ठेला लगाए 1739 लोगों को हटाया गया। मोहद्दीपुर, रेलवे स्टेशन रोड पर एसडीएम के साथ पहुंचे एएसपी मानुष पारिक ने दुकानों के बाहर रखे सामान को भी हटवाया और चेतावनी दी।

शहर में 253 दुकानों के सामने से अतिक्रमण हटाया गया है। अफसरों ने दुकानदारों को चेतावनी दी-अभी चेता रहे हैं, नहीं माने तो जुर्माना और केस दर्ज कर पुलिस कार्रवाई करेगी। मकसद है कि आम लोगों को सड़क के चौड़ीकरण का फायदा मिले और जाम की वजह से परेशान न होना पड़े।

बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे के करीब एएसपी मानुष पारिक पुलिस फोर्स के साथ मोहद्दीपुर रोड पर निकले। जैसे ही चौराहे से आगे बढ़े एक होटल के बाहर ऑटो, ई-रिक्शा की वजह से जाम लगा था। पुलिस को देखते ही सभी भागने लगे, लेकिन कुछ ऐसे भी थे, जिन पर असर नहीं दिखा। ऐसे लोगों के वाहनों को सीज कर पुलिस लाइंस भेज दिया गया। फिर एक लाइन से कुनराघाट तक पुलिस प्रशासन की टीम ने एलाउंस कर अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी। कहा कि अतिक्रमण मिला तो समझाया नहीं जाएगा, बल्कि कार्रवाई की जाएगी। यूनिवर्सिटी चौक से रेलवे स्टेशन रोड पर दुकान के बाहर ही दुकानदारों ने कब्जा कर रखा था। यहां पर सर्वाधिक 170 दुकानों के बाहर कब्जा मिला,जिसे हटाया गया और फिर न लगाने की चेतावनी दी गई। उधर सीओ गोरखनाथ रत्नेश सिंह जैसे ही धर्मशाला पर पहुंचे ऑटो वाले भागने लगे, लेकिन यहां पर कई बार कहने के बाद भी बेतरतीब खड़े ऑटो को पुलिस ने पकड़ा और सीज कर पुलिस लाइंस भेज दिया गया। एसपी ट्रैफिक श्यामदेव विंद ट्रांसपोर्ट नगर से पैडलेगंज, मोहदीपुर से सिविल लाइंस, धर्मशाला से गोरखनाथ रूट पर अतिक्रमण हटवाए तो एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने नौकायन रोड पर अतिक्रमण को हटवाया

मौका कहीं चूक ना जाए, यातायात पुलिस के 2287 रिक्त पदों पर होगी तैनाती

डीजीपी विजय कुमार ने हाल ही में सभी एडीजी जोन और पुलिस कमिश्नर को पत्र भेजकर यातायात पुलिसकर्मियों के नामांकन,चयन,प्रशिक्षण,नियुक्ति और स्थानांतरण आदि के संबंध में जारी सभी आदेशों को अतिक्रमित करते हुए नए आदेश जारी किए हैं।

डीजीपी मुख्यालय यातायात पुलिस में रिक्त चल रहे मुख्य आरक्षी और आरक्षी के 2287 पदों को भरने की तैयारी में है। इसके लिए सभी एडीजी जोन और पुलिस कमिश्नर से नागरिक पुलिस के मुख्य आरक्षी और आरक्षी मांगे गये हैं। इनको प्रशिक्षण देने के बाद जिलों में तैनात किया जाएगा। इससे कमिश्नरेट और जिलों में होने वाली जाम की समस्या से खासी राहत मिल सकती है।

बता दें कि डीजीपी विजय कुमार ने हाल ही में सभी एडीजी जोन और पुलिस कमिश्नर को पत्र भेजकर यातायात पुलिसकर्मियों के नामांकन, चयन, प्रशिक्षण, नियुक्ति और स्थानांतरण आदि के संबंध में जारी सभी आदेशों को अतिक्रमित करते हुए नए आदेश जारी किए हैं।

इन पदों को भरने के लिए 35 वर्ष से कम आयु

दरअसल, प्रदेश के समस्त कमिश्नरेट एवं जिलों में नागरिक पुलिस से यातायात पुलिस के लिए मुख्य आरक्षी के 1512 और आरक्षी के 4336 पद आवंटित हैं। यातायात निदेशालय द्वारा जिलों से प्राप्त सूचना के मुताबिक इनमें मुख्य आरक्षी के 100 पद और आरक्षी के 2187 पद रिक्त चल रहे हैं। इन पदों को भरने के लिए 35 वर्ष से कम आयु के आरक्षी और 55 वर्ष से कम उम्र के मुख्य आरक्षी मांगे गए हैं। इनका चयन ज्येष्ठता के आधार पर किया जाएगा। कर्मियों के चयन के दौरान उनके ओवरवेट नहीं होने का खास ध्यान रखने को कहा गया है।

सातों कमिश्नरेट में आरक्षियों की कमी

उल्लेखनीय है कि प्रदेश के सातों कमिश्नरेट में आरक्षी के पद रिक्त चल रहे हैं, जबकि मुख्य आरक्षी स्वीकृत पदों से ज्यादा तैनात हैं। लखनऊ में 119 मुख्य आरक्षियों की जगह 162 तैनात हैं। जबकि 495 आरक्षी में से 171 पद रिक्त हैं। गौतमबुद्धनगर में 87 की जगह 227 मुख्य आरक्षी तैनात हैं, जबकि 179 आरक्षी के पद रिक्त हैं।

क्या कितने पद

कानपुर में भी 38 की जगह 227 मुख्य आरक्षी हैं, जबकि आरक्षी के 117 पद रिक्त हैं। वाराणसी में 78 की जगह 110 मुख्य आरक्षी हैं, जबकि आरक्षी के 104 पद रिक्त हैं। आगरा में 73 की जगह 168 मुख्य आरक्षी तैनात हैं, जबकि आरक्षी के 161 पद रिक्त हैं। प्रयागराज में 60 की जगह 94 मुख्य आरक्षी हैं, जबकि आरक्षी के 104 पद रिक्त हैं। गाजियाबाद में 78 के बजाय 260 मुख्य आरक्षी हैं, जबकि आरक्षी के 31 पद रिक्त

 

कोतवाली में दरोगा के पिस्टल से चली गोली महिला को जा लगी…आरोपी मौके से फरार

अलीगढ़ कोतवाली नगर के सीसीटीएनएस कार्यालय में ड्यूटी पर तैनात दरोगा मनोज शर्मा की पिस्टल से…

मेरठ में STF के SSP कुलदीप नारायण को ब्रेन हेमरेज…डॉक्टर बोले- स्थिर है हालत

स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के SSP कुलदीप नारायण सिंह को ब्रेन हेमरेज हुआ है। मंगलवार को…

कौन हैं IPS Somendra Meena जिन्हें महराजगंज का बनाया गया नया पुलिस कप्तान

उत्तर प्रदेश कैडर के आपीएस अधिकारी सोमेन्द्र मीणा को महराजगंज जनपद का नया पुलिस कप्तान नियुक्त किया गया है। 32 वर्षीय आईपीएस सोमेन्द्र मीणा इससे पहले यूपी पुलिस में कई जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। महराजगंज के पुलिस अधीक्षक का जिम्मा संभालने से ठीक पहले वे आगरा में पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण के पद पर तैनात रहे हैं।

कौन है महराजगंज के नये एसपी सोमेन्द्र मीणा

1) सोमेन्द्र मीणा वर्ष 2017 बैच के IPS अधिकारी हैं और उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर मिला हुआ है। आईपीएस अफसर के रूप में उनकी पहली नियुक्ति 18 दिसंबर 2017 को हुई थी।

2) 2 जुलाई 1992 को जन्में सोमेन्द्र मीणा मूल रूप से राजस्थान के करौली जिले से हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय सवाई माधोपुर से हुई।

3) उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के किरोड़ीमल कॉलेज से भूगोल में स्नातक की डिग्री ली। डीयू में पढ़ाई के दौरान विभिन्न क्विज प्रतियोगिताओं और ‘मानचित्रों द्वारा भूगोल’ की प्रतियोगिताओं के वे प्रथम विजेता रहे।

4) आईपीएस सोमेंद्र मीणा की पहली तैनाती इंस्पेक्टर, एत्मादपुर थाना, आगरा के रूप हुई। इस पद पर वह यहां 6 महीने तक रहे।

5) वह प्रयागराज में सहायक पुलिस अधीक्षक के तौर पर भी सेवाएं दे चुके हैं।

6) प्रयागराज से प्रोन्नत होकर उनको कानपुर में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त पूर्वी जोन के पद पर पदस्थापित किया गया। जहां उन्होंने गैंगस्टर एक्ट में वांछित आरोपियों पर सख्ती के साथ कार्रवाई की और चोर, लुटेरे, बदमाशों को जेल की सीखचों के पीछे भिजवाया।

7) उनकी तैनाती के दौरान एक बार प्रधानमंत्री कानपुर दौरे पर आये और पीएम का अचानक हेलीकॉप्टर को छोड़ सड़क मार्ग से अगले गंतव्य तक जाना तय हुआ। पीएम के काफिले की जिम्मेदारी अचानक उन पर आ पड़ी। बताया जाता है कि उन्होंने इस चुनौती को स्वीकार कर बखूबी निभाया।

अपराधियो के खिलाफ सख्ती के लिये चर्चित सोमेन्द्र मीणा को जनपद का जिम्मा ठीक ऐसे वक्त सौंपा गया है, जब महराजगंज में भारत-नेपाल सीमा तस्करों की गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है। हाल के दिनों से महराजगंज पुलिस और एसएसबी सीमा पर तस्करी के कई मामलों का पर्दाफाश भी कर चुकी है। ऐसे में सीमा पर चली आ रही तस्करी को रोकना और महराजगंज की कानून व्यवस्था को अव्वल और आदर्श बनाये रखना उनकी सबसे बड़ी चुनौती हो सकती है।

यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 6 IAS और 15 IPS अफसरों के तबादले, देखें लिस्ट

उत्तर प्रदेश में 6 आईएएस और 15 आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए गए हैं। योगी…

कानून व्यवस्था को चुस्त करने के लिए SP ने दौड़ाई तबादला एक्सप्रेस… 15 निरीक्षक व उप निरीक्षकों को किया इधर से उधर

उत्तर प्रदेश में इस समय जहां लोकसभा चुनावों को लेकर सभी पार्टियां अपनी-अपनी तैयारियों में जुटी है तो ऐसे में चुनावों से पूर्व कानून व्यवस्था को चुस्त दुरूस्त बनाए रखने के लिए कई जिलों में लंबे समय से एक ही थाने व चौकियों पर तैनात पुलिसकर्मियों के तबादले कर उन्हें ईधर ऊधर किया जा रहा है। खबर यूपी के गाजीपुर से है, जहां एसपी ओमवीर सिंह ने 15 निरीक्षक व उप निरीक्षकों को इधर से उधर किया है। एसपी की कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

यहां देखें किसे मिली कहां तैनाती

एसपी द्वारा जारी तबादला एक्सप्रेस की सूची में निरीक्षक दीनदयाल पांडे को पुलिस लाइन से गाजीपुर कोतवाली की कमान सौंपी गई है वही सदर कोतवाली की कमान संभाल रहे अशेषनाथ सिंह गैर जनपद के लिए पुलिस लाइन स्थानांतरित किया गया है। वही निरीक्षक श्याम जी यादव को पुलिस लाइन से प्रभारी निरीक्षक जमानिया की कमान सौंपी गई है वहीं प्रभारी निरीक्षक जमानिया महेंद्र सिंह को प्रभारी निरीक्षक सैदपुर बनाया गया है वहीं निरीक्षक पवन कुमार उपाध्याय को गहमर से प्रभारी निरीक्षक दिलदारनगर की कमान सौंपी गई है वही प्रभारी डीसीआरबी अशोक कुमार मिश्रा को प्रभारी निरीक्षक गहमर की कमान सौंपी गई है वहीं उप निरीक्षक कमलेश कुमार को पुलिस लाइन से थाना अध्यक्ष शादियाबाद का प्रभार दिया गया है वही उप निरीक्षक कृपेंद्र प्रताप सिंह को थाना अध्यक्ष बहरियाबाद से पुलिस लाइन के लिए स्थानांतरित किया गया है वहीं उप निरीक्षक राजू त्रिपाठी चौकी प्रभारी विशेश्वरगंज को थाना अध्यक्ष रेवतीपुर तथा उप निरीक्षक शैलेश मिश्रा को थानाध्यक्ष करीमुद्दीनपुर से पीआरओ पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। वहीं उप निरीक्षक वागीश विक्रम सिंह को मॉनिटरिंग सेल से थाना अध्यक्ष मर्दा की कमान सौंपी गई है वहीं उप निरीक्षक प्रदीप कुमार सिंह को थाना सुहवल से थाना अध्यक्ष का करीमुद्दीनपुर की कमान सौंपी गई है। वही निरीक्षक वीरेंद्र कुमार प्रभारी यूपी 112 को प्रभारी निरीक्षक बहरियाबाद के कमान सौंपी गई है। वही निरीक्षक विजय प्रताप सिंह को प्रभारी चुनाव सेल से प्रभारी थाना अध्यक्ष नोनहरा की कमान सौंपी गई है। वहीं उप निरीक्षक भूपेंद्र निषाद चौकी प्रभारी गोरा बाजार को थाना अध्यक्ष नगसर की कमान सौंपी गई है । उप निरीक्षक संतोष राय को थाना अध्यक्ष नोनहरा से थाना अध्यक्ष सुहवल बनाया गया है।