अलीगढ़ जनपद में महुआखेड़ा क्षेत्र के देवी नगला विवाद के बाद जिले की पुलिस व्यवस्था एक बार फिर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई के केंद्र में आ गई है। घटना के 24 घंटे भीतर एसएसपी नीरज कुमार जादौन ने स्पष्ट संदेश देते हुए संबंधित हल्का टीम पर गाज गिरा दी। उन्होंने चौकी इंचार्ज समेत तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके अलावा, एक अलग प्रकरण में डॉक्टर से अभद्रता करने के आरोप में पुलिस लाइन में तैनात एक मुख्य आरक्षी पर भी कार्रवाई की गई है।
ये था मामला
देवी नगला में बुधवार शाम भूमि विवाद अचानक उग्र हो गया था। प्लॉट को लेकर दो पक्षों में कहासुनी बढ़कर तनाव में बदल गई। बात इतनी आगे बढ़ी कि हवाई फायरिंग तक की नौबत आ गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। हालांकि, इस पूरे प्रकरण में हल्का टीम की सतर्कता और तत्परता पर सवाल उठे। जांच में पाया गया कि विवाद लगातार बढ़ रहा था, लेकिन क्षेत्रीय पुलिस टीम ने समय रहते उचित रोकथाम नहीं की।
इसी आधार पर एसएसपी ने हल्का प्रभारी एसआई सतवीर सिंह, बीट आरक्षी सर्वेश कुमार और संदीप कुमार को निलंबित करने का आदेश जारी किया। एसएसपी का कहना है कि संवेदनशील क्षेत्रों में छोटी चूक भी बड़े हादसे में बदल सकती है, इसलिए लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
एसएसपी ने की कार्रवाई
इसके साथ ही एक अन्य मामले में डॉक्टर से अभद्र भाषा प्रयोग करने की शिकायत पुलिस लाइन तक पहुंची। मामले की जांच में आरोप सही पाए जाने पर मुख्य आरक्षी को भी निलंबित कर दिया गया। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थानों पर पुलिसकर्मियों का आचरण शालीन और मर्यादित होना अनिवार्य है, चाहे परिस्थितियाँ कैसी भी हों।
अलीगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई को विभाग के भीतर सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि कर्तव्य में लापरवाही या अनुशासनहीनता पर तुरंत और कड़ी प्रतिक्रिया दी जाएगी।