मुरादाबाद। एक सनसनीखेज घटना में साइबर थाने में तैनात दारोगा अंकुर सिंह को अमरोहा में तैनात हेड कांस्टेबल के बेटों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। विवाद की शुरुआत स्कूटी और बाइक की टक्कर से हुई। दारोगा अंकुर सिंह जब घर से स्कूटी पर निकले, तभी हेड कांस्टेबल के बेटे बाइक पर वहां पहुंचे और दोनों वाहन आपस में टकरा गए। छोटी-सी दुर्घटना के बाद दोनों पक्षों में गाली-गलौज शुरू हो गई।
ये था मामला
तथ्यों के अनुसार, हेड कांस्टेबल के बेटे ने पिता को बुला लिया और हेड कांस्टेबल भी मौके पर पहुंचे। पिता के आने के बावजूद बेटों का दुस्साहस बढ़ गया। उन्होंने दारोगा को बार-बार बताया कि वह पुलिसकर्मी हैं, लेकिन बेटों ने कहा, “तुम दारोगा हो तो हम भी हेड कांस्टेबल के बेटे हैं।” इसके बाद उन्होंने दारोगा को दौड़ा-दौड़ाकर पीटना शुरू कर दिया। भीड़ के हस्तक्षेप से दारोगा को बचाया गया।
मझोला पुलिस ने बताया कि इंस्पेक्टर रविंद्र कुमार फोर्स के पहुंचने से पहले ही आरोपी हेड कांस्टेबल और उनके बेटे मौके से भाग गए। घायल दारोगा को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की, जिसमें आरोपितों के नाम सामने आए।
रफा-दफा किया मामला
हालांकि, अधिकारियों को जानकारी देने के बाद मामले को रफा-दफा कर दिया गया और दोनों पक्षों में समझौता करवा लिया गया। इस घटना ने मुरादाबाद में पुलिसकर्मियों के आचरण और उनके परिवार के दुस्साहस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि हेड कांस्टेबल के बेटों ने अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल करते हुए दारोगा को पीटा, जबकि दारोगा बार-बार अपनी पहचान बता रहे थे।