भारत मंडपम एआई समिट में विरोध प्रदर्शन: जांच की परतें गहराईं, सात गिरफ्तारी तक पहुंचा मामला

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नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एआई समिट के दौरान हुए शर्टलेस प्रदर्शन ने अब कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर गंभीर मोड़ ले लिया है। पुलिस कार्रवाई अब केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि खंगाली जा रही है।

 सोमवार को दो नई गिरफ्तारी

दिल्ली पुलिस ने हालिया कार्रवाई में अजय कुमार विमल (36) और राजा गुर्जर (24) को गिरफ्तार किया। दोनों का संबंध मध्य प्रदेश से बताया जा रहा है।

अजय कुमार विमल भिंड जिले में इंडियन यूथ कांग्रेस के पूर्व जिला उपाध्यक्ष रह चुके हैं।

राजा गुर्जर ग्वालियर में 2022 से 2025 तक जिला अध्यक्ष पद पर रहे थे।

इन गिरफ्तारियों के बाद कुल आरोपियों की संख्या सात हो चुकी है।

अदालत का रुख सख्त

पटियाला हाउस कोर्ट ने मुख्य चार आरोपियों को राहत देने से इनकार करते हुए उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने उन्हें पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है। वहीं ग्वालियर से पकड़े गए जितेंद्र सिंह यादव को पेश किए जाने पर दो दिन की पुलिस कस्टडी दी गई।

मामले में इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब से भी विस्तृत पूछताछ की गई। सूत्रों के अनुसार करीब पांच घंटे तक सवाल-जवाब चला। जांच एजेंसियां यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि यह प्रदर्शन स्वतःस्फूर्त था या किसी संगठित योजना का हिस्सा।

 जांच के मुख्य बिंदु

पुलिस फिलहाल तीन प्रमुख पहलुओं पर काम कर रही है:

1. कार्यक्रम की सुरक्षा में चूक कैसे हुई?

2. विवादित ‘Compromised PM’ लिखी टी-शर्ट्स कहाँ और किसने तैयार करवाईं?

3. प्रदर्शनकारियों को प्रवेश के लिए इस्तेमाल किए गए क्यूआर कोड किस स्रोत से मिले?

एडिशनल सीपी देवेश महला के अनुसार, यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस पूरी घटना का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की छवि को प्रभावित करना था।

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