गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश में आतंकी खतरों की आशंका को देखते हुए भारत–नेपाल सीमा क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से चौकन्नी हो गई हैं। उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले से सटी भारत–नेपाल की सोनौली अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को बेहद सख्त कर दिया गया है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सीमा पर एसएसबी और स्थानीय पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से व्यापक सुरक्षा अभियान चलाया जा रहा है।
हर व्यक्ति पर कड़ी नजर
सोनौली बॉर्डर पर आने-जाने वाले हर व्यक्ति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। नेपाल से भारत में प्रवेश करने वालों की सघन जांच की जा रही है और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के दिखाई देने पर उसकी गहन तलाशी ली जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने बॉर्डर पर डॉग स्क्वायड की तैनाती की है, जो संदिग्ध सामान और गतिविधियों की जांच में अहम भूमिका निभा रहा है। इसके साथ ही सीमा क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर लगातार निगरानी की जा रही है।
भारत–नेपाल की खुली सीमा को देखते हुए एसएसबी और पुलिस के जवान सीमा के आसपास पैदल गश्त और पेट्रोलिंग कर रहे हैं। सीमा से जुड़ी पगडंडियों और संवेदनशील रास्तों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि कोई असामाजिक तत्व इन रास्तों का फायदा न उठा सके। महिलाओं की तलाशी के लिए महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो दिन-रात सतर्कता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं।
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना ने बताया कि गणतंत्र दिवस के मद्देनज़र भारत–नेपाल सीमा को पूरी तरह से अलर्ट पर रखा गया है। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करते हुए बॉर्डर क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि सभी प्रमुख और वैकल्पिक रास्तों पर सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ ड्रोन के जरिए भी निगरानी की जा रही है, ताकि हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सके।
हर जगह हो रही जांच
इसके अलावा सीमावर्ती इलाकों में स्थित सराय, होटल, लॉज और ढाबों की नियमित रूप से जांच की जा रही है। पुलिस और एसएसबी के जवान कांबिंग ऑपरेशन के तहत सीमा से सटे गांवों में जाकर स्थानीय लोगों को सतर्क कर रहे हैं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने की अपील कर रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि गणतंत्र दिवस को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।