गाजियाबाद में एक साधारण-सी लगने वाली घटना ने सोशल मीडिया पर बड़ा संदेश दे दिया। उत्तर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री असीम अरुण जब मंगलवार को शहर पहुंचे, तो उनके स्वागत के लिए प्रोटोकॉल के तहत गार्ड ऑफ ऑनर की व्यवस्था की गई थी। लेकिन मंत्री ने वह सलामी लेने से साफ इनकार कर दिया। इस वीडियो को लोग असीम अरुण की सादगी, मानवता, और नौकरशाही दिखावे के खिलाफ एक सकारात्मक संदेश के तौर पर देख रहे हैं।
सिपाहियों से कहा ये
जानकारी के मुताबिक, राज्यमंत्री असीम अरुण जब गाजियाबाद पहुंचे तो सलामी से इनकार करते हुए उन्होंने बेहद सादगी भरे और जनसेवा को प्राथमिकता देने वाले शब्द कहे।
उन्होंने कहा कि “आप लोग जनता की सेवा में लगे रहते तो अच्छा होता, मेरी सलामी बजाने से क्या फायदा?” इसके बाद मंत्री ने सभी सिपाहियों से हाथ मिलाया और उनका धन्यवाद भी किया। यह पूरा दृश्य कैमरे में कैद हुआ और अब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
https://x.com/chandanmedia/status/1960360536417161677
जनता से बेहद करीब रहे हैं असीम अरूण
गौरतलब है कि असीम अरुण पहले आईपीएस अधिकारी रह चुके हैं और उनकी कार्यशैली हमेशा से ही व्यावहारिक और जनता के करीब रही है। हाल ही में वे एक स्कूल में निरीक्षण के दौरान छात्रों के साथ रात बिताने को लेकर भी चर्चा में आए थे।
जब आज के दौर में बड़े-बड़े नेता और अधिकारी प्रोटोकॉल, शो ऑफ और सत्ता के प्रदर्शन में लगे रहते हैं, तब असीम अरुण जैसे मंत्री का यह कदम एक अलग ही उदाहरण पेश करता है कि असली सम्मान जनता की सेवा में है, न कि सलामी में।