आज माघ पूर्णिमा के पावन स्नान को लेकर प्रयागराज का माघ मेला क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षा घेरे में है। लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने इस बार सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को पहले से कहीं ज्यादा सख्त और तकनीक-आधारित बनाया है। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि मेले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम हो रहा है।
तकनीक के भरोसे भीड़ नियंत्रण
माघ मेले में पहली बार भीड़ प्रबंधन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) युक्त कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। पूरे मेला क्षेत्र, प्रमुख मार्गों और स्नान घाटों पर हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी कंट्रोल रूम से की जा रही है। इसके साथ ही ड्रोन कैमरों से ऊपर से नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल
सुरक्षा के लिहाज से यूपी एटीएस, आरएएफ और पीएसी के जवानों को संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है। सादी वर्दी में खुफिया एजेंसियों के अधिकारी भी भीड़ के बीच मौजूद हैं, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। मेला प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
घाटों पर जल सुरक्षा मजबूत
स्नान घाटों पर किसी भी दुर्घटना से निपटने के लिए जल पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और प्रशिक्षित गोताखोरों की टीमें 24 घंटे तैनात हैं। नावों और बचाव उपकरणों के साथ टीमें लगातार गश्त कर रही हैं।
नो वीआईपी, आसान दर्शन
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि माघ पूर्णिमा के अवसर पर कोई वीआईपी प्रोटोकॉल लागू नहीं होगा। साथ ही रात 12 बजे से भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है और वन-वे ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित स्नान का अवसर मिल सके।