Shamli: कैराना रोड की पुलिस चौकी खंडहर में बदल गई, ग्रामीणों ने उठाई पुनर्निर्माण की मांग

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शामली के कैराना रोड पर ऊँचा गाँव के पास बनी पुलिस चौकी अब बीते दौर की एक निशानी बनकर खड़ी है। करीब दो दशक पहले जिस इमारत को इलाके की सुरक्षा मजबूत करने के लिए तैयार किया गया था, वह आज ढहती दीवारों और टूटे फर्श के साथ उपेक्षा की कहानी बयां कर रही है। चौकी के कमरे उजाड़ हो चुके हैं, लकड़ी की खिड़कियाँ उखड़ गई हैं और छत का प्लास्टर जगह-जगह झर चुका है।

कब हुआ था शुभारंभ

साल 2000 में इसका शुभारंभ बड़े स्तर पर हुआ था। उस समय मुजफ्फरनगर के एसपी आशुतोष पांडे, एएसपी ओ. पी. सागर, सीओ अनिल कुमार पांडेय और कैराना कोतवाली प्रभारी हरीश सिंह भदौरिया के नेतृत्व में चौकी शुरू की गई थी। उस वक्त उम्मीद थी कि यह चौकी कैराना मार्ग पर तेज पुलिस रिस्पॉन्स का अहम केंद्र बनेगी।

ग्रामीण बताते हैं कि 2008 से 2015 के बीच, जब मुस्तफा–मुकीम काला गैंग का दबदबा था, तब यही चौकी पुलिस की सबसे सक्रिय पोस्ट मानी जाती थी। लगातार पुलिस मूवमेंट रहता था, और चौकी की मौजूदगी से अपराधियों पर दबाव भी बना रहता था। लेकिन गैंग का प्रभाव कम होने के साथ ही चौकी की महत्ता भी धीरे-धीरे घटती चली गई और देखरेख के अभाव में इसकी हालत जर्जर हो गई।

खंडहर में बदल गई चौकी

आज स्थिति यह है कि बाहर लगा पुराना शिलापट्ट ही चुपचाप इस चौकी के इतिहास की गवाही देता है। स्थानीय निवासी रवि चौहान, अंशुल, इकरार और अली कहते हैं कि जब पुलिस चौकी ही खंडहर में बदल गई हो, तो क्षेत्र में सुरक्षा का भरोसा कमजोर होना स्वाभाविक है।

ग्रामीणों की मांग है कि चौकी का पुनर्निर्माण जल्द कराया जाए, ताकि पुराने सुरक्षा ढांचे को फिर से सक्रिय किया जा सके और लोगों में विश्वास लौटे।

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