मिर्जापुर में 13 मार्च को पुलिस ने 25 हजार रुपये के इनामी गौतस्कर को पकड़ने में सफलता हासिल की थी। इस कार्रवाई के बाद मिर्जापुर पुलिस ने एसपी अपर्णा कौशिक द्वारा जारी प्रेस ब्रीफ को अपने अधिकारिक सोशल मीडिया पेजों पर साझा किया। लेकिन इसी बीच इंस्टाग्राम पर अफसर के शरीर और लुक को लेकर ट्रोलिंग शुरू हो गई। वीडियो तेजी से वायरल हुआ और कुछ ही समय में इसके व्यूज 40 लाख तक पहुँच गए।
वीडियो पर आए कई मिलियन व्यू
वीडियो पर आए 11 हजार से अधिक कमेंट्स में कई लोगों ने अफसर की शारीरिक बनावट, लुक और अपीयरेंस पर आपत्तिजनक और सेक्सिस्ट टिप्पणियां की। कुछ कमेंट्स बेहद अश्लील थे और अफसर का मजाक उड़ाया गया। इसके चलते मिर्जापुर पुलिस ने कमेंट सेक्शन को बंद करना पड़ा। वीडियो को लगभग चार लाख लोगों ने शेयर किया।
इस घटना ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी। ज्यादातर लोग इस तरह के ट्रोलिंग की निंदा कर रहे हैं और ऐसे मामलों में कार्रवाई की वकालत कर रहे हैं। कई ने लिखा कि जब एक महिला आईपीएस अधिकारी पर इस तरह का हमला हो सकता है, तो आम महिला के लिए कितनी मुश्किल परिस्थितियां होती होंगी।
फिलहाल नहीं आई कोई प्रतिक्रिया
मिर्जापुर पुलिस की महिला अफसर सालों से महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तत्पर रहती हैं, लेकिन उन्हें ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर शारीरिक रूप से ट्रोल किया जाना चिंता का विषय है। इस मामले में फिलहाल पुलिस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर ऐसे भद्दे और सेक्सिस्ट कमेंट्स न सिर्फ व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि समाज में लैंगिक समानता और महिला सम्मान की धारणा को भी प्रभावित करते हैं। यह घटना महिला अधिकारियों के खिलाफ ट्रोलिंग और बॉडी शेमिंग के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने की जरूरत को रेखांकित करती है।