लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस संग्रहालय अब आधुनिक तकनीक के साथ मोबाइल पर भी उपलब्ध होगा। पुलिस लाइन स्थित इस संग्रहालय में अब एक हफ्ते के अंदर QR कोड लगाए जाएंगे, जिन्हें स्कैन करके लोग प्रदर्शित वस्तुओं और पुलिस के इतिहास से जुड़ी विस्तृत जानकारी सीधे अपने मोबाइल पर देख सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य संग्रहालय को तकनीकी रूप से उन्नत बनाना और आम जनता के लिए इसे और आकर्षक बनाना है।
अफसरों ने दी जानकारी
अपर पुलिस उपायुक्त व सहायक पुलिस आयुक्त, डॉ. ईशान सोनी ने बताया कि इस व्यवस्था के शुरू होने के बाद लोग बारकोड स्कैन करके अंग्रेजों के जमाने के असलहे, डोज़ियर, वर्दी और अन्य ऐतिहासिक वस्तुओं की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। संग्रहालय में प्रदर्शित कई पुराने हथियार ऐसे हैं जिनका इस्तेमाल पहले अपराधियों को पकड़ने और कानून लागू करने में किया जाता था। हर हथियार के साथ उसकी पूरी जानकारी भी दी गई है, ताकि आगंतुक समझ सकें कि इनका प्रयोग किस तरह होता था।
संग्रहालय में अब नए और आधुनिक हथियार भी रखे गए हैं। इसका उद्देश्य समय के साथ पुलिस की कार्यशैली, उपकरण और संसाधनों में आए बदलाव को दर्शाना है। डीसीपी लाइन प्रमोद कुमार और एडीसीपी लाइन वैभव बांगर के नेतृत्व में इसे तकनीकी और प्रदर्शनी दृष्टि से सुसज्जित किया गया है।
हर कोई कर पाएगा अध्य्यन
संग्रहालय में आने वाले लोग न केवल उत्तर प्रदेश पुलिस के इतिहास का अध्ययन कर पाएंगे, बल्कि यह भी समझ पाएंगे कि किस प्रकार पुलिस ने समय के साथ आधुनिक तकनीक और संसाधनों को अपनाया। QR कोड और बारकोड स्कैन की सुविधा इसे और इंटरेक्टिव बनाएगी, जिससे विद्यार्थी, शोधकर्ता और आम लोग दोनों आसानी से जानकारी हासिल कर सकेंगे।