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मासूम की गुहार पर छलक पड़े कोतवाल की आंखों से आंसू... मासूमियत भरे लहजे में बोली ‘मेरे पापा निर्दोष हैं, प्लीज छोड़ दीजिए

मासूम की गुहार पर छलक पड़े कोतवाल की आंखों से आंसू... मासूमियत भरे लहजे में बोली ‘मेरे पापा निर्दोष हैं, प्लीज छोड़ दीजिए

‘मेरे पापा निर्दोष हैं, प्लीज छोड़ दीजिए। यह बोल और किसी के नहीं बल्कि एक 6 साल की बच्ची के हैं। जिसे सुनते ही खुद थाना प्रभारी भी भावुक हो गए। जी हां.... कहते हैं कि बच्चे की मासूमियत के आगे हर कोई हार जाता है। वहीं जब बच्चा किसी पुलिसकर्मी से न्याय की गुहार लगा रहा हो तो सामने मौजूद दरोगा से लेकर कोई भी अधिकारी गुनाहों पर तत्काल ही कार्रवाई करेगा। ऐसा ही कुछ कानपुर से सामने आए इस मामले में भी हुआ। जहां एक मासूम बच्ची की गुहार पर  थाना प्रभारी ने तुरंत ही कार्रवाई करते हत्या मामले में गिरफ्तार बच्ची के पिता को छोड़ दिया है। इसके साथ ही असली अपराधी को गिरफ्तार करने के लिए जांच भी शुरू कर दी है।

क्या है मामला

महाराजपुर थाने में अनुज पाल की हत्या के आरोप में पुलिस ने उसके भाई लखन पाल को हिरासत में लिया था। लखन पाल को अनुज पाल की हत्या मामले में पूछताछ के लिए थाने लाया गया था। जिसके बाद से ही पुलिस लखन पाल से लगातार पूछताछ में जुटी थी। ऐसे में शनिवार को लखनपाल की 6 साल की बेटी गुड़िया अपने रिश्तेदारों के साथ थाने पहुंची। जहां मासूम बच्ची ने थाना प्रभारी सतीश राठौर की कुर्सी के पास पहुंचकर अपने दोनों हाथों को जोड़कर बड़े ही प्यार से दबे शब्दों में कहा, सर मेरे पापा निर्दोष हैं. प्लीज छोड़ दीजिएष मामा को चाचा ने मारा है, पापा ने कुछ नहीं किया। बच्ची की बातें सुनकर कोतवाल इतना भावुक हो गए कि उन्होंने अपना चश्मा उतारकर टेबल पर रख दिया। कोतवाल की आंखों में नमी साफ झलक रही थी।

थाना प्रभारी को कहा-थैंक्यू

थाना प्रभारी कुर्सी से खड़े हुए और मासूम बच्ची को गोद में उठा लिया। थाना प्रभारी ने बच्ची के लिए फल मंगवाया और कुछ ही देर में उन्होंने हिरासत में लिए गए लखन पाल को इस शर्त पर छोड़ दिया की जब जरूरत होगी तो थाने आना होगा। जिसके बाद6 साल की मासूम पापा की उंगली पकड़ कर जब थाने से जाने लगी तो उसने थाना प्रभारी को थैंक्यू कहकर सभी का दिल जीत लिया।

थाने में मौजूद लोग व्याकुल नजर आए

कानपुर के महाराजपुर थाने में शनिवार को एक ऐसी तस्वीर सामने आई जहां थाना प्रभारी की आंखें भी नम हो गई। दरअसल पुलिस के पास 6 साल की मासूम बच्ची पहुंची। जिसे देखकर वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने बच्ची की उसके पिता से दूर होने की व्याकुलता को समझा। इतना ही नहीं पुलिस ने मासूम के पिता को 72 घंटे बाद हिरासत में रखकर घर जाने की अनुमति दी। ऐसे में मौके पर मौजूद सभी लोग भावुक दिखाई दिए। आरोपी मोहित की गिरफ्तारी में सहयोग करना होगा 

लेखक

Madhvi Tanwar

Police Media News

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