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kanpur news : अंजना मल्होत्रा हत्याकांड मामले में दरोगा सस्पेंड... DCP और ACP की भी लापरवाही

kanpur news : अंजना मल्होत्रा हत्याकांड मामले में दरोगा सस्पेंड... DCP और ACP की भी लापरवाही

उत्तर प्रदेश के कानपुर में गुमटी कौशलपुरी क्षेत्र में हुई बहुचर्चित अंजना मल्होत्रा हत्याकांड मामले में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लापरवाही बरतने वाले चौकी इंचार्ज को जहां सस्पेंड कर दिया गया है, तो वहीं दूसरी ओर जांच का हवाला देकर थानेदार से लेकर एसीपी और डीसीपी को बचाने का भी प्रयास किया जा रहा है। आपको जानकारी देते हुए बता दें कि इस हत्याकांड में पहले भी मृतका ने एसीपी और डीसीपी को लिखित में भी शिकायत दर्ज कराई इसके साथ ही साथ दफ्तरों के भी चक्कर काटे और पति सुलभ के खिलाफ तहरीर भी दी, लेकिन लापरवाही वहां सामने आई जब पुलिस ने कार्रवाई करने की बजाए मामले को टरका दिया और पति ने अंजना को मौत के घाट उतार दिया।

अंजना ने डीसीपी साउथ रवीना को किया था ट्वीट

दरअसल जिले में महिला अपराध की कमान संभाल रही डीसीपी साउथ रवीना त्यागी की ओर से भी इस मामले में पीड़िता का दर्द नहीं सुना गया। मृतक अंजना की बहन बबली के मुताबिक 5 दिसंबर 2021 की सुबह अंजना ने 10 बजकर 2 मिनट पर एक ट्वीट किया जिसमें उसने अपना दर्द बंया करते हुए लिखा कि " पति की पिटाई से आए चोटों के निशान की चार फोटो भी ट्वीट में साझा की थी। उन्होंने ट्वीट कर लिखा था कि .ये आप देखिए चोट कितनी है रवीना मैम। प्लीज हेल्प कीजिए। आप लोगों के साथ रहकर सभी महिलाओं की मदद की। सभी पुलिस डिपार्टमेंट में सभी को प्रोत्साहित किया और आज मेरे ससुराल वाले मुझे घर से निकाल रहे हैं। मेरा पति रात में कहीं और रहता है।" आपको जानकारी देते हुए बता दें कि इस ट्वीट पर यूपी पुलिस और कानपुर कमिश्नर पुलिस की तरफ से डीसीपी साउथ को कार्रवाई के लिए निर्देश दिया गया था कि इसमें किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।

मिशन शक्ति से थी जुड़ी

मृतक की बहन बबली के मुताबिक उनकी बहन अंजना एक एनजीओ के जरिए पुलिस के मिशन शक्ति कार्यक्रम में भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेती थी। लेकिन इसके बाद भी पति ने उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया तो पुलिस ने उसकी 1 भी ना सुनी। चौकी से लेकर डीसीपी साउथ तक न्याय की गुहार लगाई और किसी ने नहीं सुनी और अंत में पति ने हत्या करके शव फेंक दिया। जिसके बाद पुलिस हरकत में आई।

कॉल रिकॉर्डिंग से सामने आई ACP की लापरवाही

एसीपी नजीराबाद संतोष सिंह और अंजना की एक कॉल रिकॉर्डिंग ने इस पूरे मामले की कलई ही उतार कर रख दी। अंजना ने एसीपी नजीराबा से लेकर महिला आयोग में अपने मामले की शिकायत दर्ज की थी। एसीपी ऑफिस में अंजना को बयान दर्ज करने के लिए भी बुलाया गया। लेकिन पति के रसूख और पैसा होने के चलते पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इसी का नतीजा था कि उसकी हत्या कर दी गई। चौकी इंचार्ज, थानेदार, एसीपी और डीसीपी समेत हर स्तर पर अंजना की सुनवाई नहीं की गई। अगर उसी वक्त सुनवाई की जाती तो सुलभ अंजना की हत्या न कर पाता।

क्या है पूरा मामला

कौशलपुरी निवासी अंजना मल्होत्रा 22 दिसंबर की रात लापता हो गईं थीं। परिजनों ने पति सुलभ पर हत्या का आरोप लगाते हुए नजीराबाद थाने में तहरीर भी दी थी, लेकिन उसके बाद भी पुलिस ने पीड़िता की एक भी न सुनी। बल्कि पीड़ित के परिवार को पुलिस ने धमकी दी थी। पनकी नहर से बरामद हुए महिला के शव को उनकी बहन बबली ने अंजना का शव बताया। जिसके बाद नजीराबाद थाने पुलिस के साथ-साथ अधिकारी भी हरकत में आ गए और मामले की जांच शुरू हुई, जिसमें हत्याकांड का खुलासा हुआ। अंजना के पति क्रॉकरी कारोबारी सुलभ ने उनकी हत्या कर दी थी। प्रेमिका किरन, उसके पिता रामदयाल व चचेरे भाई रिषभ की मदद से शव पांडु नदी में फेंक दिया था। इसमें सबसे पहले दरोगा जय प्रताप सिंह की लापरवाही उजागर हुई। जो पीड़ित परिवार को ही धमका रहा था। गुरुवार रात को उसे निलंबित कर दिया गया।

लेखक

Madhvi Tanwar

Police Media News

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