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UP के दो IPS अफसरों की अनोखी कहानी, जिन्हें मिलेगा अमेरिका में IACP अवॉर्ड

UP के दो IPS अफसरों की अनोखी कहानी, जिन्हें मिलेगा  अमेरिका में IACP अवॉर्ड

उत्तर प्रदेश में अपराधियों पर नकेल कसने के साथ-साथ पुलिस स्मार्ट पुलिसिंग के उदाहरण पेश करने के लिए लगातार कोशिश करती रही है। और इन्ही के कारण उत्तर प्रदेश के 2 आईपीएस अफसरों को अमेरिका का प्रतिष्ठित आईएसीपी अवॉर्ड मिलने जा रहा है। खास बात ये है कि यह अवॉर्ड  दुनियाभर के 40 साल से कम उम्र के 40 बेहतरीन पुलिस अधिकारियों को दिया जाता है। अवॉर्ड के रेस में जिन दो यूकी के अधिकारियों का नाम है, उनमे एक आईपीएस यूपी कैडर के हैं, तो दूसरे आईपीएस यूपी के रहने वाले हैं। 

165 देशों के 40 पुलिस अफसरों को दिया जाएगा अवॉर्ड

International Association of Chiefs of Police - School Justice Partnership  National Resource Center

पुलिस के पेशे के उभरते भविष्य के उद्देश्य के साथ International Association of Chiefs of Police यानी IACP अवॉर्ड 2021, दुनिया के 165 देशों में से 40 साल से कम उम्र के 40 पुलिस अफसरों को दिया जाएगा। 6 देशों के 40 पुलिस अफसरों में भारत से 2 आईपीएस अफसर शामिल किए गए हैं और दोनों ही अधिकारी उत्तर प्रदेश के हैं। एक आईपीएस अफसर अमित कुमार यूपी चंदौली में एसपी हैं तो वहीं छत्तीसगढ़ कैडर के आईपीएस अफसर संतोष कुमार सिंह उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं।

आईपीएस संतोष सिंह पर एक नजर

Santosh Singh (@SantoshSinghIPS) | Twitter

2011 बैच के आईपीएस संतोष सिंह वर्तमान में छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में पुलिस कप्तान हैं। गाजीपुर के देवकली गांव के रहने वाले संतोष कुमार सिंह के पिता पेशे से पत्रकार हैं, शुरुआती पढ़ाई गाजीपुर के नवोदय विद्यालय में पूरी करने के बाद बीएचयू से स्नातक किया। स्नातकोत्तर राजनीति शास्त्र में गोल्ड मेडल हासिल किया। 

संयुक्त राष्ट्र के शांति प्रयासों पर शोध कर रहे हैं संतोष कुमार सिंह

जेएनयू से संतोष कुमार सिंह अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर एमफिल कर वर्तमान में दुर्ग विश्वविद्यालय से संयुक्त राष्ट्र के शांति प्रयासों पर पीएचडी कर रहे हैं। 10 साल के करियर में 2 साल के ट्रेनिंग पीरियड को छोड़ दें तो संतोष कुमार सिंह ने लगातार अपराध नियंत्रण और कम्युनिटी पुलिसिंग पर बेहतरीन काम किया। 

आईपीएस संतोष आगे हजार नक्सलियों ने किया सरेंडर

2014 से 2016 तक नक्सल प्रभावित सुकमा में एडिशनल एसपी नक्सल ऑपरेशन रहे। इस दौरान हजार के लगभग नक्सलियों का सरेंडर करवाया, लगभग 500 नक्सली गिरफ्तार हुए और  88 नक्सली मारे गए। नक्सलियों पर कार्रवाई करने के साथ-साथ नक्सल प्रभावित इलाकों में पुनर्वास का कार्यक्रम चलाया, योजनाओं के तहत का लोगों तक लाभ पहुंचाया।

पुलिस की छवि बेहतर करने के लिए की नई शुरूआत

रायगढ़ शहर रेड जोन , जिला प्रशासन व पुलिस ने बरती सख्ती, 15 पॉइंट पर चेकिंग  दौरान जप्त हुई 75 टू व्हीलर/फोर व्हीलर ... - KIRANDOOT

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में बतौर कप्तान रहते संतोष कुमार सिंह ने बच्चों में पुलिस की छवि बेहतर करने के लिए एक नई शुरुआत की। महासमुंद जिले में बाल हितैषी पुलिसिंग शुरू की गई, जिसके लिए हर थाने में चाइल्ड हेल्प डेस्क बनाई गई, महिला पुलिस कर्मी को चाइल्ड हेल्प ऑफिसर तैनात किया। इतना ही नहीं गांव मोहल्लों में तमाम शिक्षकों समाजसेवियों को बालमित्र बनाया गया ताकि बच्चों से जुड़ी समस्याओं को पुलिस तक पहुंचने में आसानी हो।

 गुड टच और बैड टच के लिए चलाया जागरूकता अभियान

आईपीएस संतोष सिंह ने बाल अपराध रोकने के लिए बच्चों को गुड और बैड टच के लिए जागरुक किया, बच्चों को उनके अधिकारों के बारे में रूबरू कराया। इसके साथ ही जनमानस को सड़क और ट्रैफिक की जानकारी दी गई। इसके साथ-साथ सवा लाख बच्चों को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दी गई। इस सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग में बच्चों को खासकर लड़कियों को जूडो-कराटे की पारंपरिक ट्रेनिंग देने के बजाय कैसे किसी मुसीबत में फंसने पर हेयर क्लिप, पेन, चुन्नी, कंगन  का प्रयोग कर अपनी रक्षा की जा सकती है, सिखाया गया।

30 से 40 फीसदी दर्ज की गई अपराध में कमी

Santosh Singh - Posts | Facebook

आईपीएस संतोष सिह द्वारा चलाए गए अभियान की बता करें तो पौने 2 साल की महासमुंद जिले में किए गए प्रयासों का नतीजा था कि वहां 30 से 40 फीसदी अपराध में कमी दर्ज की गई और साल 2018 में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने संतोष सिंह को Champions Of Change का अवॉर्ड दिया। कप्तान बनने से पहले संतोष सिंह रायगढ़ में एसपी बनाए गए, रायगढ़ में एसपी रहते हुए कोरोना की पहली लहर आई तो प्रवासी मजदूरों गरीबों की मदद के लिए करीब एक लाख खाने के पैकेट बांटे।

कोरोना के दौरान मास्क का अभियान

कोरोना काल के दौरान रायगढ़ में एसपी रहे संतोष सिंह के  मास्क पहनने को लेकर विशेष अभियान चलाया था। पहली लहर के दौरान रक्षाबंधन आया तो तमाम औद्योगिक प्रतिष्ठानों व संस्थाओं की मदद से एक रक्षा सूत्र मास्क का.. अभियान चलाया और 1 दिन में 12 लाख 37 हजार मास्क बांटकर रिकॉर्ड बनाया था।

क्राइम कंट्रोल के लिए मिला इंद्रधनुष अवॉर्ड

Superintendent Of Police Santosh Kumar Awarded By Champions Of Change -  पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार उपराष्ट्रपति द्वारा 'चैंपियंस ऑफ चेंज' अवार्ड से  सम्मानित | Patrika News

रायगढ़ की तैनाती के दौरान ही संतोष सिंह को क्राइम कंट्रोल के लिए तीन बार इंद्रधनुष अवॉर्ड भी दिया गया। 3 महीने पहले छत्तीसगढ़ के इंडस्ट्रियल टाउन कहे जाने वाले कोरिया में संतोष सिंह को कप्तान बना कर भेजा गया है। कोरिया में ढाई महीने के अंदर ही नशे के कारोबार पर नकेल कसने के लिए निजात अभियान चला रखा है।

नशे पर लगाम, जेल में 250 नशा तस्कर

आईपीएस संतोष के इस अभियान के तहत 2 महीने में करीब ढाई सौ लोगों को नशा तस्करी करने के आरोप में जेल भेजा जा चुका है। गरीब मजदूर पेशा लोगों को नशे की लत लगाकर ड्रग्स सप्लाई करने वाले नशे के कारोबारियों से लेकर कैरियर को तक जेल भेजा जा रहा है। संतोष सिंह का कहना है कि नए समय की डिमांड है, अब क्राइम डिटेक्शन के साथ क्राइम प्रिवेंशन पर भी जोर देना होगा, कम्युनिटी पुलिसिंग से ही अपराध रोका जा सकता है।

आईपीएस अमित कुमार पर एक नजर

Amit Kumar-II IPS transferred as ASP- (North) Lucknow | Indian Bureaucracy  is an Exclusive News Portal

जिस दूसरे आईपीएस अफसर को अमेरिका का यह प्रतिष्ठित आईएसीपी 40 अवॉर्ड दिया जाना है, वह यूपी कैडर के आईपीएस अमित कुमार हैं। अमित कुमार 2015 बैच के आईपीएस अफसर हैं। वर्तमान में चंदौली के एसपी हैं, मूल रूप से दिल्ली के रहने वाले अमित कुमार के पिता सीआरपीएफ में असिस्टेंट कमांडेंट के पद से रिटायर हुए।

इंजीनियरिंग, एमबीए करने के बाद पहनी खाकी

इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के साथ-साथ आईआईएम अहमदाबाद से एमबीए करने के बाद अमित कुमार ने कुछ महीने अमेरिका के लॉस एंजिलिस की एक सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट कंपनी में काम भी किया, लेकिन एक आईपीएस बनने के लिए अमित कुमार ने मोटी तनख्वाह वाली अमेरिकी नौकरी को छोड़ दिया और खाकी पहन ली।

 राजधानी लखनऊ में की सेवा

अमित कुमार लंबे समय तक लखनऊ में एसपी ट्रांस गोमती, एडिशनल डीसीपी ईस्ट के पद पर रहे, लखनऊ में तैनाती के दौरान अमित कुमार ने एक ऐसे वाहन चोर गैंग का खुलासा किया जो बीएमडब्ल्यू, ऑडी जैसी लग्जरी गाड़ियों को ऑन डिमांड चोरी करता था। फिर टोटल लॉस में गई गाड़ी के कागजात के सहारे इन लग्जरी गाड़ियों को देश के तमाम हिस्सों में बेचा जा रहा था, बताया गया कि अमित कुमार इस पूरे गैंग का खुलासा करने वाली टीम को लीड कर रहे थे।

बरामद हुई थी 15 करोड़ की 112 लग्जरी गाड़ियां

Lucknow Police ने किया वाहन चोरों के बहुत बड़े गैंग का खुलासा - YouTube

 

इस गैंग से 15 करोड़ की कीमत वाली 112 लग्जरी गाड़ियां बरामद हुईं, लखनऊ में अमित कुमार के इस ऑपरेशन को देश के सबसे बड़े ऑपरेशन और सबसे बड़ी रिकवरी मानी गई। इस खुलासे के बाद तमाम इंश्योरेंस कंपनियों को भी अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव करना पड़ा, टोटल लॉस में बेची जाने वाली गाड़ी के कागजी खानापूर्ति के नियम बदलने पड़े। 

चंदौली की कमान संभाल रहे हैं अमित कुमार 

वर्तमान में अमित कुमार वाराणसी से सटे चंदौली जिले के कप्तान हैं, और पुलिस की कमान संभाल रहे हैं। चंदौली में बतौर एसपी काम करते हुए कई शातिर अपराधी जो सालों से पुलिस की गिरफ्त से बाहर थे उनको सर्विलांस की मदद से गिरफ्तार किया। अमित कुमार के छोटे भाई सेना में मेजर हैं। 

मुख्य संवाददाता

HARSH PANDEY

Police Media News

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