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पुलिस अफसर और महंत नरेंद्र गिरि के बीच थी वित्तीय लेनदेन, स्वामी योगी सत्यम ने किया हत्या का दावा

पुलिस अफसर और महंत नरेंद्र गिरि के बीच थी वित्तीय लेनदेन, स्वामी योगी सत्यम ने किया हत्या का दावा

देश भर में अपने बयानों से सुर्खियों में रहने वाले अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की सोमवार शाम संदिग्ध हालात में मौत हो गई। जिसके बाद कई लोगों ने अलग अलग बयान सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में क्रिया योग आश्रम के योग गुरु स्वामी योगी सत्यम ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। स्वामी योगी सत्यम का मानना है कि नरेंद्र गिरि ने सुसाइड नहीं किया है बल्कि उनकी एक बड़े साजिश के तहत हत्या की गई है।

न्यायिक जांच की मांग

योगी सत्यम ने नरेंद्र गिरि के मौत की न्यायिक जांच कराए जाने की मांग की है। योगी सत्यम ने प्रयागराज में तैनात एक बड़े पुलिस अफसर और महंत नरेंद्र गिरि के बीच बड़े पैमाने पर वित्तीय लेनदेन को लेकर भी सवाल खड़ा किया है। स्वामी योगी सत्यम का मानना है कि अगर किसी सेवानिवृत्त हाईकोर्ट के जज से न्यायिक जांच कराई जाए, जिससे मामले में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

साजिश के तहत की गई हत्या

महंत नरेंद्र गिरि की आत्महत्या और हत्या को लेकर अब भी कई सवाल खड़े हैं। उधर, झूंसी स्थित क्रियायोग आश्रम के स्वामी योगी सत्यम ने भी कई सवाल उठाए हैं। वहीं मीडिया से बातचीत के दौरान योगी सत्यम ने कहा है कि प्रयागराज में तैनात एक पुलिस अफसर और महंत नरेंद्र गिरि के बीच बड़े पैमाने पर वित्तीय लेनदेन था। ऐसे में उनकी हत्या किए जाने से इंकार नहीं किया जा सकता है। उक्त पुलिस अफसर के भूमिका भी जांच होनी चाहिए। योगी सत्यम ने कहा कि जो व्यक्ति अपना दस्तखत तक नहीं कर सकता था, वो भला 8 पेज का सुसाइड नोट कैसे लिखेगा। यह भी अपने आप में एक अहम और बड़ा सवाल है। योगी सत्यम का मानना है कि महंत नरेंद्र गिरि की हत्या की गई है।

फर्जी संतों की लिस्ट में योगी सत्यम भी थे शामिल

बता दें कि पिछले कुंभ में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद् के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की अगुवाई में फर्जी साधु-संतों के खिलाफ एक अभियान चलाया गया था। उस लिस्ट में स्वामी योगी सत्यम भी थे। फर्जी साधु संतों की लिस्ट में नाम होने के कारण स्वामी योगी सत्यम का शिविर कुंभ मेले में नहीं लग पाया था। इसे लेकर किए गए सवाल पर स्वामी योगी सत्यम का कहना था कि क्रियायोग आश्रम को नष्ट करने की साजिश रची गई थी। हमें देश से बाहर भेजने की कूट रचना रची गई थी। पर मैं तभी सत्य के मार्ग पर था और आज भी सत्य के मार्ग पर हूं। बोले कि इसके बावजूद मैने हमेशा महंत नरेंद्र गिरि का भला चाहा।

बदनामी से बचाने के लिए की मदद 

आस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में महंत नरेंद्र गिरि के शिष्य और उनकी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराए जा रहे आनंद गिरि को लेकर किए गए सवाल पर स्वामी योगी सत्यम ने कहा कि आनंद गिरि को छुड़ाने में उन्होंने मदद की थी। सिडनी में तैनात एक SP के माध्यम से आनंद गिरि को जमानत दिलवाई थी। कहा कि आनंद गिरि के कृत्य से भारत की बाहर बदनामी हो रही थी। इसलिए वह आनंद गिरि की मदद को आगे आए।

संवाददाता

JYOTI MEHRA

Police Media News

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