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पत्नी की इलाज के लिए DSP को नहीं मिली छुट्टी... तो व्हाट्सऐप पर दिया इस्तीफा

पत्नी की इलाज के लिए DSP को नहीं मिली छुट्टी... तो व्हाट्सऐप पर दिया इस्तीफा

कोरोना काल में फ्रंटलाइनर कहे जा रहे खाकीधारी सड़क पर उतर कर लोगों की सेवा कर रहे हैं। कई दौरान कई पुलिसकर्मियों ने अपने परिवार के अहम सदस्यों को खो दिया, तो वहीं कोरोना ने कई पुलिसकर्मियों की सांसों को रोक दिया। खबर झांसी से है, जहां  कोरोना संक्रमित पत्नी और 4 साल की बेटी की देखरेख के लिए छुट्टी नहीं दी गई तो सीओ सदर मनीष सोनकर ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया। 

अधिकारी से छुट्टी ना मिलने पर उठाया कदम 

दरअसल, डिप्टी एसपी रैंक के अधिकारी के द्वारा छुट्टी ना मिलने पर दिए गए इस्तीफे से महकमे में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं दूसरी ओर एसएसपी झांसी ने डिप्टी एसपी के इस्तीफे को उच्चाधिकारियों को भेज दिया है। बताया जा रहा है कि झांसी में सीओ सदर के पद पर तैनात मनीष सोनकर को अपनी कोरोना संक्रमित पत्नी व बेटी की देखरेख के लिए एसएसपी झांसी ने छुट्टी नहीं दी तो डिप्टी एसपी ने नौकरी से इस्तीफा भेज दिया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पत्र

डिप्टी एसपी रैंक के अधिकारी के द्वारा छुट्टी ना मिलने पर दिए गए इस्तीफे से महकमे में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर वायरल मनीष सोनकर के पत्र में आरोप लगाया गया कि पत्नी के कोरोना संक्रमित होने के बाद उनकी 4 साल की बेटी की देखरेख के लिए घर में कोई दूसरा नहीं था। 1 दिन पहले आए सरकारी फॉलोवर के सहारे बेटी और पत्नी को छोड़ना उचित नहीं समझा जिसके लिए उन्होंने एसएसपी से 1 मई को ही 6 दिन की छुट्टी मांगी थी, इसके बावजूद 2,3 मई की ड्यूटी बड़ागांव मतगणना केंद्र पर लगा दी गई। 2 मई को जब छुट्टी मांगी तो एसएसपी ने फॉलोअर के सहारे पत्नी और 4 साल की बेटी को छोड़कर ड्यूटी पर आने को कहा तो उन्होंने इस्तीफा भेज दिया।

SSP ने फेरा मुंह

इस मसले पर जब छुट्टी नहीं देने वाले एसएसपी झांसी रोहन पी कानय से सवाल किया गया तो उन्होंने अलग ही मामला बताया। एसएसपी झांसी की मानें तो मनीष सोनकर अधिकारिक तौर पर घर में एक फॉलोवर रख सकते हैं, जबकि वह 2 फॉलोवर रखे थे। दूसरे फॉलोवर का भुगतान सरकारी खजाने से करवा रहे थे, जिस पर उनके द्वारा आपत्ति की गई और सरकारी खजाने से भुगतान को रोक दिया गया था। जिसके बाद मनीष सोनकर ने दूसरा फॉलोवर भेजने की पेशकश की। 1 फॉलोवर को चोरी करने का आरोप लगाकर हटा दिया और दूसरे भेजे गए फॉलोवर को गंदगी फैलाने की शिकायत कर हटा दिया गया। इस तरह के उनके लिए हो रहे भुगतान पर रोक के बाद से ही मनीष सोनकर ड्यूटी में हीला हवाली कर रहे थे।

ये है पूरा मामला

बताया जा रहा है कि 2 मई को पंचायत चुनाव की मतगणना वाले दिन जब डीएम और एसएसपी झांसी मौके पर पहुंचे तो मनीष सोनकर मौके पर मौजूद नहीं थे, फोर्स भी तितर-बितर थी, जिसको देखने के बाद जब एसएसपी ने मनीष सोनकर से ड्यूटी पर आने के लिए कहा तो उन्होंने अपने हाथ से लिखे इस्तीफे की फोटो एसएसपी को वॉट्सऐप कर दी। जिसको उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है, वहीं, एसएसपी रोहन पी कानय का कहना है कि कार्यालय आने पर मनीष सोनकर की 6 दिन की छुट्टी को भी स्वीकृत कर दिया गया है।

मुख्य संवाददाता

HARSH PANDEY

Police Media News

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