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अनोखी है कहानी... कोरोना से जीते, अब प्लाज्मा डोनेट कर बचा रहे हैं लोगों की जान

अनोखी है कहानी... कोरोना से जीते, अब प्लाज्मा डोनेट कर बचा रहे हैं लोगों की जान

इस समय कोरोना की दूसरी लहर से पूरा देश जूझ रहा है। स्वास्थ्य कर्मियों से लेकर पुलिसकर्मी भी करो ना को मात देने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। इसी बीच उत्तराखंड पुलिस के टीपी नगर पुलिस चौकी प्रभारी सतीश शर्मा मानवता की एक बड़ी मिसाल पेश कर रहे हैं। दरअसल, सतीश शर्मा कोरोना से उबरने के बाद दो बार प्लाज्मा दान कर चुके हैं। इतना ही नहीं तीसरी बार जब वह प्लाज्मा दान करने गए तो खून में एंटीबॉडी मौजूद नहीं थे। जिसके चलते तीसरी बार चाहकर भी प्लाज्मा दान नहीं कर सके।

ड्यूटी के दौरान खुद हुए संक्रमित

आपको बता दें पुलिस उपनिरीक्षक सतीश शर्मा वर्तमान में ट्रांसपोर्ट नगर पुलिस चौकी प्रभारी हैं। वहीं इससे पहले वह मेडिकल कॉलेज पुलिस चौकी प्रभारी थे। जहां वह कोरोना की पहली लहर के दौरान सुशीला तिवारी अस्पताल और मोर्चरी में सेवा दे रहे थे। ऐसे में बीती 20 जुलाई को वह खुद भी संक्रमित हो गए। SI का कहना है कि कोरोना से बचाव के लिए मानसिक रूप से मजबूत होना उतना ही आवश्यक है जितना चिकित्सकीय सलाह जरूरी होती है।

अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता-SI

उन्होंने बताया की मनोवैज्ञानिक दबाव से मुक्त होकर आवश्यक उपचार किया जाए तो संक्रमित व्यक्ति जल्दी ठीक होगा। गुनगुना पानी व पौष्टिक भोजन के साथ 14 दिनों के आइसोलेशन के बाद वह स्वस्थ हो गए थे। साथ ही उप निरीक्षक ने कहा 'महामारी से बचाव के लिए सभी को सावधानी बरतनी आवश्यक है। अक्सर देखा जा रहा है कि लोग सरकार की ओर से लगाए गए कर्फ्यू में बिना वजह भी सड़क पर घूम रहे हैं। जबकि इससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में बहुत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें और फेस मास्क सहित अन्य सुरक्षा उपायों का पालन करें। इसके बाद भी यदि संक्रमण का कोई लक्षण दिखता है तो फौरन अस्पताल पहुंचकर अपनी जांच अवश्य कराएं। जिससे समय पर संक्रमण का निदान किया जा सके।'

संवाददाता

JYOTI MEHRA

Police Media News

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