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मेट्रों के यात्रा कार्ड की मदद से दिल्ली पुलिस ने हत्यारे को किया गिरफ्तार... यूं सुलझाई वारदात की गुत्थी

मेट्रों के यात्रा कार्ड की मदद से दिल्ली पुलिस ने हत्यारे को किया गिरफ्तार... यूं सुलझाई वारदात की गुत्थी

राजधानी दिल्ली के सिविल लाइंस इलाके से एक बड़ी खबर सामने आई है जहां कारोबारी राम किशोर अग्रवाल की हत्या और लूट के केस में दिल्ली पुलिस को तीसरे दिन कामयाबी हाथ लगी है। मंगलवार शाम को पुलिस ने राजीव चौक मेट्रो स्टेशन से वारदात के मुख्य आरोपी को पकड़ लिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने पूछताछ के दौरान खुद को नाबालिग बताया है। उसकी उम्र की पुष्टि के लिए वजीराबाद में रह रहे उसके परिजनों से पुलिस ने डॉक्युमेंट्स मंगाया है। इनवेस्टिगेशन का सबसे दिलचस्प पहलू तकनीकी जुड़ा है। दरअसल आरोपी को मेट्रो कार्ड ने पकड़वाया। आरोपी ने कार्ड जैसे ही मेट्रो पर टच किया। उसका अलर्ट दिल्ली पुलिस व मेट्रो पुलिस तक पहुंच गया। इसके बाद मेट्रो स्पेशल स्टाफ इंस्पेक्टर अजय व उनकी टीम ने उसे धर दबोचा। उस समय आरोपी मास्क लगाए हुए था।

मूल रूप से बिहार का है मुख्य आरोपी, वजीराबाद में रहता है

पकड़ा गया आरोपी मूल रूप से बिहार का है और वजीराबाद में रहता है। इसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी मिला है। यह पहले भी रॉबरी के आरोप में पकड़ा जा चुका है। देर रात पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही थी। दूसरे आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस मंगलवार देर रात तक दबिश देती रही। हमारे सहयोगी ने पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया है कि दूसरे संदिग्ध को भी पकड़ लिया गया है लेकिन पुलिस की तरफ से इसकी आधिकारिक पुष्टि बाकी है।

हत्या से एक दिन पहले ही रात को कोठी के बाहर पार्क कर दी थी बाइक

जुपिटर बिल्डर्स के डायरेक्टर 75 साल के राम किशोर अग्रवाल की सिविल लाइंस स्थित उनके घर में रविवार को लूट के बाद हत्या हो गई थी। दोनों हमलावर वारदात से एक दिन पहले रात को 10:30 बजे के करीब अपाचे बाइक से राम किशोर अग्रवाल की कोठी पास आए थे। बाइक का रजिस्ट्रेशन नंबर भी फर्जी था। आरोपियों ने अग्रवाल की कोठी के बाहर बाइक को पार्क कर दिया। इसके बाद दोनों पैदल ही सिविल लाइंस मेट्रो स्टेशन पहुंचे। वहां से वे कई जगहों पर गए जिसकी पुष्टि सीसीटीवी फुटेज से हुई है। 1 मई को वारदात के बाद पुलिस ने सभी संभावित रूट्स पर 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों को खंगाला था। इसमें घटना से पहले और बाद में संदिग्धों की खोज की थी।

देर रात ऑटो से वापस आए, लूट और मर्डर कर बाइक से फरार हो गए

फुटेज से पता चलता है कि वह 30 अप्रैल की रात दोनों आरोपी साढ़े दस बजे अग्रवाल की कोठी के बाहर लाल रंग की अपाचे बाइक को पार्क करने आए थे। बाद में पैदल ही वह सिविल लाइंस मेट्रो स्टेशन पहुंचे। जहां से वे मेट्रो में सवार हुए। वह ग्रीन पार्क स्टेशन पर निकले। बाद में फिर से मेट्रो में चढ़ गए। फिर वह नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मेट्रो से बाहर निकले और परिसर में कुछ समय बिताने के बाद यलो लाइन वाली मेट्रो में सवार हो गए। आरोपी इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मास्क पहने रहे। समयपुर बादली मेट्रो स्टेशन पर पहुंचने के बाद देखा कि टोकन खत्म हो गया था। फिर उन्होंने मेट्रो कार्ड का इस्तेमाल किया। शनिवार देर रात जब मेट्रो चलना बंद हो गई तो वे ऑटो से सिविल लाइंस पहुंचे। वहां दोनों अग्रवाल के घर में घुस गए। डकैती का विरोध करने पर उन पर हमला किया और 50 लाख रुपये लेकर पहले से पार्क की गई अपनी बाइक से फरार हो गए। इलाके के एक गार्ड ने उनका सामना भी किया लेकिन वे किसी तरह भागने में कामयाब हो गए।

मंगलवार को मेट्रो कार्ड का यूज करते ही पकड़ा गया आरोपी

जांच में जुटी पुलिस के लिए मेट्रो के सीसीटीवी कैमरे आरोपियों की पहचान में बहुत अहम साबित हुए। तमाम फुटेज को खंगालने के बाद अलग-अलग जगहों पर संभावित एंट्री टाइम के हिसाब से संदिग्धों की पहचान की गई। उनका चेहरा नहीं पहचान में आ रहा था क्योंकि वे मास्क लगाए हुए थे। पुलिस की एक टीम ने ऑटो रिक्शा का पता लगाया। इसके बाद पुलिस टीम ने डीएमआरसी से संपर्क किया। उनसे आरोपियों के मेट्रो कार्ड की पूरी डिटेल ली। इससे आरोपियों के कार्ड की डिटेल पुलिस के पास आ चुकी थी। मेट्रो पुलिस को यह इन्फॉर्मेशन साझा कर दी गई कि अगर यह कार्ड यूज हो तो तुरंत संपर्क करें। पुलिस को यकीन था कि आरोपी मेट्रो को यूज जरूर करेंगे। मंगलवार शाम को जैसे ही एक आरोपी ने राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर कार्ड को यूज किया, उसका अलर्ट पुलिस को पहुंच गया। पुलिस ने उसे वहां से दबोच लिया।

डकैती में किसी इनसाइडर का भी हाथ, हो सकता है मास्टरमाइंड

पुलिस को शक है कि डकैती और मर्डर में किसी ऐसे भी शख्स का हाथ है जो अग्रवाल के घर के कोने-कोने से परिचित रहा हो। पुलिस उस 'इनसाइडर' की भी तलाश कर रही है जो इस डकैती का संभवतः मास्टरमाइंड है। पुलिस के इस शक की वजह ये है कि दोनों आरोपियों को अग्रवाल के घर के बारे में डीटेल में जानकारी थी। पुलिस उस संदिग्ध 'इनसाइडर' की भी तलाश कर रही है।

संवाददाता

Akansha

Police Media News

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