Khaki Connection

यूपी विधानसभा चुनाव 2022: फिल्मी अंदाज में होने वाली शराब तस्करी के बारे में जानकर हर कोई रह जाएगा दंग... कैसे पुलिस की नाक के नीचे चलता है तस्करी का पूरा खेल

यूपी विधानसभा चुनाव 2022: फिल्मी अंदाज में होने वाली शराब तस्करी के बारे में जानकर हर कोई रह जाएगा दंग... कैसे पुलिस की नाक के नीचे चलता है तस्करी का पूरा खेल

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर सरगर्मियां जोरों पर है। ऐसे में जहां चुनावों को लेकर सुरक्षा की दावेदारी की जा रही है। तो वहीं इन चुनावों के दौरान नोटों की बारिश या फिर जाम से जाम ना टकराए ऐसा हो ही नहीं सकता। दरअसल प्रचार प्रसार में जुटे प्राटी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ वोटरों तक शराब पहुंचाना अमूमन चर्चाओं में बना रहता है। वोटिंग से एक रात पहले शराब पानी की तरह हो जाती है। तो वहीं उम्मीदवार भी पार्टी भर शराब में आम जनता को डूबा देते हैं। क्योंकि चुनाव हमेशा से ही शराब माफिया (Liquor mafia) के लिए किसी त्यौहार से कम नहीं है। तभी तो चुनावों का ऐलान होने ही शराब की तस्करी भी लगातार बढ़ ही जाती है। ऐसे में शराब को खपाने के लिए पुलिस हमेशा से ही रोड़ा बनी रहती है। हाल ही में नोएडा पुलिस Noida Police ने लहसुन की बोरियों में छिपाकर लाई गई शराब को पुलिस ने बरामद किया था। इस खेप को पकड़ते समय शराब की फिल्मी तरीके से की जा रही तस्करी के तरीके को देखकर तो पुलिस भी दंग रह गई। तस्करों का ऐसा अंदाज ‘लेवल-6’ पुलिस की आंखों में धूल झौंक रहा है। चुनावी राज्यों के साथ-साथ शराब बंदी वाले राज्य बिहार Bihar, गुजरात Gujrat में भी जमकर शराब की तस्करी की जा रही है। जानते हैं क्या है शराब तस्करों का लेवल-6 ।

यहां जानिए क्या है 6 लेवल

लेवल 1 यानी हरियाणा में बैठा शख्स... जी हां जिसके पास भारी मात्रा में शराब की खेप पाई जाती है, वहीं शराब की खेप को बिहार, गुजरात या किसी दूसरे राज्य में भेज रहा है। इस शराब माफिया को किसी भी लेवल से जुड़ा कोई व्यक्ति चेहरे या नाम से नहीं जानता। लेकिन 2 से जुड़ा शख्स ही इस माफिया को सिर्फ फोन पर बाते करता है।

लेवल 2 होता है दलाल

इसका काम हरियाणा के शराब माफिया का संपर्क बिहार और गुजरात में अवैध शराब खरीदने वाले माफिया से करवाना है। संपर्क कराने का यह खेल पूरी तरह फोन पर मिलता है। ऐसे में खास बात तो यह है कि बीच की कड़ी का ये मोहरा ही दोनों लोगों से बात-चीत का माध्यम है जो तय करता है कि माल हरियाणा से किस दिन निकलेगा और किस दिन तक दूसरे राज्य में पहुंचेगा।

लेवल 3 का काम है छोटा लेकिन है बेहद ही खास

दरअसल कहने को ही यह लेवल तीन का शख्स है लेकिन इस कड़ी का सबसे बड़ा मोहरा भी यही है। जो अवैध शराब को हरियाणा में रखने के लिए गोदाम का इंतज़ाम करता है। साथ ही, शराब को 1 तय दिन और समय पर ट्रक में लोड कराता है। शराब लोड होने के बाद यहां इसका काम खत्म हो जाता है, और वह लेवल 2 को माल लोड होने की जानकारी देता है।

लेवल 4 का काम तस्करी के लिए ज़रूरी

लेवर 4 वाला शख्स तस्करी में सामान का इंतेज़ाम कराता है। यही शख्त हर लेवल पर दिए जाने वाले मोबाइल फोन और सिम, शराब के लिए फर्ज़ी कागज़ तैयार कराने और कार के इंतज़ाम की ज़िम्मेदारी भी करता है। सबसे खास बात तो यह है कि शराब से लदे ट्रक को गोदाम से हरियाणा के ढाबे तक पहुंचाने का काम भी इसी शख्स का होता है।

लेवल 5 का काम शराब के ट्रक को आगे पहुंचाना

आपको बता दें कि लेवल 5 का काम पायलट कार ट्रक से 3 से 5 किमी की दूरी बनाकर चलना है। क्योंकि रास्ते में जैसे ही चेकिंग या कोई खतरा दिखाई देता है, तो पायलट कार चालक तुरंत ही ट्रक ड्राइवर को फोन कर जानकारी देता है। इसके बाद ट्रक ड्राइवर या तो कुछ देर ट्रक रोक लेता है या दूसरे रास्ते से निकल जाता है। यह बार्डर पार कराने का खेल करता है। लेकिन कानपुर में कंटेनर इसलिए पकड़ा गया क्योंकि हरियाणा से साथ चली पायलट कार यूपी वेस्ट का बार्डर पार कराकर बुलंदशहर से वापस लौट गई थी। इसके बाद ट्रक को दूसरी पायलट कार मिलनी थी लेकिन कानपुर पहुंचते ही पुलिस ने ट्रक के लिए पहले से ही जाल बिछा रखा था।

लेवल 6 में होता है केवल ट्रक ड्राइवर

कहा जाए तो सारे लेवल में इस तस्करी के काम को अंजाम तक पहुंचाने में लेवल 6 का काम बेहद ही खास या कहा जाए तो यही असली हीरो होता है क्योंकि लेवल 4 ड्राइवर को ट्रक की चाबी, मोबाइल और ज़रूरी कागज़ सौंपता है। ड्राइवर को सिर्फ यह जानकारी होती है कि ट्रक कहां, कौन से ढाबे पर छोड़ना है। जहां ट्रक पहुंचाने के बाद ड्राइवर लेवल चार को सूचित करता है। इस काम के बदले ड्राइवर को 40 से 45 हजार रुपये मिलते हैं। शराब तस्करी के इस काम में छोटा-बड़ा हर लेन-देन सिर्फ हवाला के ज़रिए किया जाता है। जब जिस लेवल का काम पूरा होता है, तब मोबाइल पर उसे हवाला ट्रेडर का मोबाइल नम्बर देकर कोड बता जाता है। जैसे ही ट्रक अपनी मंज़िल पर पहुंचता है, सभी लेवल के लोग अपने-अपने मोबाइल और सिम कार्ड तोड़ देते हैं।

लेखक

Madhvi Tanwar

Police Media News

Leave a comment