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लौटा तालिबान...खौफ़ में अफ़गानिस्तान...काबुल की पुलिस भी करने लगी है आत्मसमर्पण

लौटा तालिबान...खौफ़ में अफ़गानिस्तान...काबुल की पुलिस भी करने लगी है आत्मसमर्पण

इस समय पूरे विश्व में सुर्खियों में बना हुआ है अफगानिस्तान में तालिबानियों का कब्जा... जी हां सड़क पर हर ओर चीख पुकार, अपनी जान बचाते हुए अपने रहने वाली जगह को छोड़कर जाने को मजबूर लोगों का कोहराम इस समय हर एक टीवी चेनल की सुर्खियों में छाया हुआ है। अफगानिस्तान में शहर दर शहर तालिबानी कब्जा करते जा रहे है। करीब 65 फीसदी अफगानी भूभाग पर तालिबान कब्जा कर चुका है। जिसका जीता जागता उदाहरण है 'कंधार जेल और लश्कर गाह का पुलिस मुख्यालय'। ऐसे में सवाल है कि तालिबान के कब्जे से कब तक बच पाएगा काबुल ? बुधवार कि शाम तालिबान ने कंधार जेल को भी अपने कब्जे में ले लिया है। कंधार जेल पर कब्जा करने के बाद तालिबान ने जेल में बंद अपने कैदियों को रिहा कर दिया है। ताजा खबरों के मुताबिक तालिबान ने दक्षिणी अफगानिस्तान में पुलिस मुख्यालय पर भी कब्जा जमा लिया है। अफगानिस्तान के बड़े शहरों में एक लश्कर गाह में अफगान सरकारी सेना को पीछे धकेलते हुए पुलिस मुख्यालय पर कब्जा कर लिया है।

हथियार तालिबान को सौंप रही है काबुल की पुलिस

काबुल की पुलिस आत्मसमर्पण करने लगी है। वह अपने हथियार तालिबान को सौंप रही है। इससे पहले आंतरिक और विदेश मामलों के कार्यवाहक मंत्रियों अब्दुल सत्तार मिर्जाकवाल ने अलग-अलग वीडियो क्लिप में आश्वासन दिया कि काबुल के लोगों को सुरक्षित किया जाएगा, क्योंकि वे अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ शहर की रक्षा कर रहे हैं। अफगानिस्तान पर 20 साल के बाद एक बार फिर तालिबान का कब्जा हो गया है। उसने देश के राष्ट्रपति भवन पर भी कब्जा जमा लिया है। सत्ता हस्तांतरण की प्रकिया भी पूरी हो गई है। राष्ट्रपति अशरफ गनी ने तालिबान को सत्ता सौंप दी है। जानकारी के लिए बता दें कि नई अंतरिम सरकार के अंतरिम प्रमुख के रूप में अली अहमद जलाली का नाम सबसे आगे चल रहा है। खबर यह भी आ रही है कि राष्ट्रपति गनी ने देश छोड़ दिया है। माना जा रहा है कि गनी ताजिकिस्तान जा रहे हैं।

अफगानिस्तान की सबसे बड़ी जेल पर भी तालिबानी कब्जा़

तालिबान के आतंकी काबुल के कलाकान, काराबाग और पगमान जिलों में प्रवेश कर लोगों में दहशत बनाना शुरू कर दिया है। इस बीच तालिबान ने काबुल की बगराम जेल के बाद पुल-ए-चरखी जेल को भी तोड़ दिया है। उसने वहां से हजारों कैदियों को भी आजाद कर दिया है। पुल-ए-चरखी अफगानिस्तान की सबसे बड़ी जेल है। यहां ज्यादातर तालिबान के लड़ाके बंद थे।

संवाददाता

RITU SINGH

Police Media News

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