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पसीने से तरबतर SSP मुनिराज ने पेश की मानवता की मिसाल...घायल युवक को खुद ऑटो में बैठाकर भेजा अस्पताल

पसीने से तरबतर SSP मुनिराज ने पेश की मानवता की मिसाल...घायल युवक को खुद ऑटो में बैठाकर भेजा अस्पताल

उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में यूं तो कई ऐसे आईपीएस अधिकारी हैं जो अपने कार्यशैली के कारण अक्सर सुर्खियों में बने रहते है। अपने काम को ईमानदारी के साथ करने और विभाग के रूतबे को ऊंचा करने के साथ-साथ खाकी वर्दी में चार चांद लगाकर यह आईपीएस अधिकारी ना केवल अपराधियों के धक्के धुड़ाने में माहीर हैं बल्कि इस सब से परे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ड्यूटी के बीच मानवीय कार्य करके इंसानियत की भी मिसाल पेश करते है। ऐसा ही एक बड़ा कार्य बीते दिनों गाजियाबाद जिले के एसएसपी मुनिराज जी का भी सुर्खियां बटौर रहा है। आपने और हमने हमेशा पुलिसकर्मियों को ही गश्त करते हुए देखा होगा। लेकिन एक अधिकारी जब गश्त पर निकलता है तब अपने आस पास हो रही सभी गतिविधियों पर नजर रखते है। ऐसे में बीते दिन शाम के समय एसएसपी पुलिसकर्मियों के साथ पैदल गश्त पर निकले थे। जैसे ही वह कलेक्ट्रेट के बाहर पहुंचे उनकी नजर सड़क किनारे एक घायल युवक पर जा पहुंची। एसएसपी ने देर ना करते हुए तुरंत ही ऑटो को रोककर युवक के खुद ही उसमें बैठाया। इतना ही नहीं एसएसपी ने अपने साथ चल रहे 2 दरोगाओं को भी युवक के साथ बैठाकर अस्पताल में भेजा। जहां युवक का इलाज लगातार जारी है। आपको बता दें कि एसएसपी का यह कार्य इस समय मिसाल तो पेश कर ही रहा है। बल्कि ईमानदारी से किस तरह ड्यूटी का निर्वहन करते हैं, यह पाठ भी पढ़ाया है। 

ईमानदारी से निभाते हैं ड्यूटी

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गौरतलब है कि जिस दिन से आईपीएस मुनिराज जी ने गाजियाबाद एसएसपी की कुर्सी संभाली है, तब से लेकर आज तक शातिर अपराधियों पर नकेल कसने कड़ी किवायत लगातार जारी है। शातिर खुद बिलों में से बाहर निकलकर आ रहे है। अपराधियों के मन में एसएसपी मुनिराज जी का खौफ देखते ही बन रहा है। इसी के साथ ही जहां शातिर अपराधियों पर एसएसपी मुनिराज कहर बनकर टूट रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरह एसएसपी अपनी ड्यूटी को भी ईमानदारी से निभाते हुए इंसानियत भरे कार्य भी करते दिखाई दे रहे हैं। जिसका जीता जागता उदाहरण बीते दिन देर शाम को दिखाई दिया। गाजियाबाद की सड़को पर एसएसपी मुनिराज जी गश्त कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का आकलन कर रहे थे। इसी बीच पसीने से तरबतर KHAKI वर्दी पहने एसएसपी मुनिराज जी कविनगर थाना क्षेत्र में गश्त करते हुए कलेक्ट्रेट के बाहर पहुंचे तो उनकी नजर सड़क पर घायल अवस्था में पड़े हुए एक युवक पर जा पहुंची। जिसके बाद एसएसपी ने युवक के पास पहुंचकर उसकी अवस्था को देखा और तुरंत ही एक ऑटो का बंदोबस्त कर उसे खुद ही ऑटो में बैठाया। आम तौर पर आजतक हमने और आपने ऐसा करते हुए एक निचले स्तर के पुलिसकर्मी को जरूर देखा होगा। लेकिन यहां एसएपी मुनिराज जी की अलग ही बात है। एसएसपी ने अपने साथ चल रहे 2 दरोगाओं को भी युवक के साथ ऑटो में बैठाकर अस्पतला भेजा।

पूर्व में भी कई बार लोगों की मदद कर चुके हैं एसएसपी मुनिराज जी

गौरतलब है कि इससे पहले भी जब एसएसपी ट्रैफिक व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे थे, तब मोहननगर के पास देर रात ऑटो का इंतेजार कर रहे एक बुजुर्ग की मदद के लिए भी एसएसपी ने अपना हाथ आगे बढ़ाया था। देखा जाए तो एसएसपी मुनिराज जी के इस कार्य से जहां पुलिसकर्मियों को मिसाल मिलती है। तो वहीं दूसरी तरफ उन्हें यह मानवीय कार्य करने की भी प्रेरणा मिलती है.  

लेखक

Madhvi Tanwar

Police Media News

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