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19 साल पुराने मामले में माफिया मुख्तार अंसारी को 7 साल की सजा, प्रशासन और कानून की पर रही है दोहरी मार

19 साल पुराने मामले में माफिया मुख्तार अंसारी को 7 साल की सजा, प्रशासन और कानून की पर रही है दोहरी मार

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज हाइकोर्ट ने बाहुबली माफिया मुख्तार अंसारी को एक 19 साल पुराने मामले में दोषी करार करते हुए 7 साल की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये जुर्मान भी ठोका है। दरअसल यह सजा मुख्तार के जेल में रहते हुए तलाशी के दौरान जेलर मुख्यार अंसाली पर पिस्टल तानकर जान से मारने की धमकी देने के आरोप में सुनाई है। मुख्तार अंसारी पर मुख्यार अंसाली ने केस दर्ज कराया था। जिसके बाद हाईकोर्ट ने उसे दोषी करार दिया है।

अन्य कई मामलों में भी चल रहा है ट्रायल

साल 2003 के मामले में माफिया मुख्तार अंसारी को प्रयागराज हाइकोर्ट ने 7 साल की सजा सुनाई है। मुख्तार पर प्रयागराज एमपी और एमएलए कोर्ट में 10 मुकदमों का ट्रायल चल रहा है। इतना ही नहीं इन मामलों के अलावा मुख्तार पर सबसे बड़ा मुकदमा मऊ में ठेकेदार की हत्या, वाराणसी में अजय राय के भाई की हत्या का आरोप, नंद किशोर रूंगटा अपहरण व हत्याकांड, विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड,जेल अधीक्षक आरके तिवारी हत्याकांड जैसे गंभीर मामलों में आरोपी है। वर्ष 1978, 1986, 1988, 1990 और 1992 में ये हत्याएं की गई थी। आजमगढ़ और गाजीपुर में दर्ज मुकदमे को लेकर भी ट्रायल जारी है।

प्रशासन और कानून की पड़ रही है दोहरी मार

जहां मुख्तार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। तो वहीं प्रशासन की तरफ से भी मुख्तार पर दोहरी चोट मारते हुए 527 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति पर शिकंजा कसा गया है। सरकार ने गैंगस्टर एक्ट के तहत माफिया और उसके करीबियों की 246 करोड़ 65 लाख 90 हजार 939 रुपये की संपत्तियों को जब्त किया है। अवैध कब्जे से करीब 281 करोड़ की संपत्तियां या तो मुक्त कराई गई हैं या ध्वस्त कर दी गई है।

पूरे देश में दर्ज है मुख्तार पर 59 केस

पूरे देश में मुख्तार पर कुल 59 मामले दर्ज हैं, इसमें से 20 मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं। गैंग का ठेका, टेंडर और अवैध व्यवसाय पर शिकंजा कसकर मुख्तार को सरकार ने 212 करोड़ की चोट पहुंचाई है।

लेखक

Madhvi Tanwar

Police Media News

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