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कोरोना काल... अंतिम तक साथ दे रही है खाकी, साथ छोड़ रहे हैं साथी

कोरोना काल... अंतिम तक साथ दे रही है खाकी, साथ छोड़ रहे हैं साथी

इस कोरोना काल में रिश्तों पर भी भरी प्रभाव पड़ा है। इसी तरह इंसानियत भी कहीं खो गई है। कोरोना का खौफ सब पर भारी पड़ रहा है। आलम यह हो गया है की, जिंदा है तो इलाज के लिए अस्पताल नहीं मिल रहा है और मरने के बाद कोई कांधा देने को तैयार नहीं है। न ऑक्सीजन पर्याप्त है, जिसके चलते रविवार को स्टेट बैंक कॉलोनी में कोरोना संक्रमित 75 वर्षीय सुशीला शर्मा ने अपना डैम तोड़ दिया। बता दें, एक हफ्ते पहले उनके बड़े बेटे की भी कोरोना से मौत हो गई थी, दूसरा बेटा भी कोरोना से संक्रमित हैं। 

नहीं मिला कोई बेड 

इस कठोर समय में करीबी संबंधियों और पड़ोसियों ने तक मुंह मोड़ लिया। कोई भी इंसानियत के नाते सुशीला शर्मा के अंतिम संस्कार के लिए आगे नहीं आया तो पुलिस आगे आई और उनका अंतिम संस्कार कराया। सुशीला शर्मा के संक्रमित होने पर परिजनों ने उन्हें इलाज के लिए भर्ती कराने का प्रयास किया था, लेकिन किसी अस्पताल में बेड नहीं मिला। उसके बाद किसी तरह से एक ऑक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था की गई और घर पर ही उनका इलाज चल रहा था। रविवार सुबह सिलिंडर की ऑक्सीजन खत्म हो गई और बेटे ने सिलिंडर रिफिल कराने के लिए प्रयास भी किया लेकिन हो न सका। ऑक्सीजन की कमी से सुशीला शर्मा ने दम तोड़ दिया।

बिजनौर में अंतिम संस्‍कार कराती यूपी पुलिस।

CO समेत पुलिसकर्मियों ने किया अंतिम संस्कार 

खबर मिलने पर कोतवाल अरुण कुमार त्यागी ने बताया कि वृद्धा का अंमित संस्कार करने से पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने इनकार कर दिया तो पुत्र विक्की ने CO अजय कुमार अग्रवाल को इस बात की पूरी जानकारी दी। CO के निर्देश पर वह दारोगा मुकेश कुमार, सिपाही पंकज शर्मा, जितेंद्र कुमार, राहुल कुमार गौतम, अमित कुमार और महिला कांस्टेबल साक्षी तोमर आदि के साथ मौके पर पहुंचे और वृद्धा के शव का अंतिम संस्कार कराया।

संवाददाता

SUFIA PARVEEN

Police Media News

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