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कानपुर: पुलिस एनकाउंटर में 2 गोकशों को पैर में लगी गोली, बिठूर की गोशाला में कर रहे थे गोकशी

कानपुर: पुलिस एनकाउंटर में 2 गोकशों को पैर में लगी गोली, बिठूर की गोशाला में कर रहे थे गोकशी

कानपुर (Kanpur) के बिठूर में बनी गांव की गोशाला में गुरुवार को गोकशी (Cow Slaughter) का सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया था। ग्रामीणों के आने पर गोकशी करने वाले दोनों कसाई अपनी बाइक छोड़कर फरार हो गए थे।  बिठूर पुलिस (Bithoor Police) ने गुरुवार की रात को गश्त के दौरान देखा कि टिकरा गांव की गोशाला के पास 2 युवक गाय ले जा रहे हैं। पुलिस ने जब उन्हें रोकने का प्रयास किया तो दोनों ने पुलिस पर फायरिंग (Firing on Police) कर दी। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी करने के बाद जवाबी फायरिंग की तो गोली दोनों के पैर में जा लगी और पुलिस ने दोनों को धर दबोचा।

गश्त के दौरान गोकशों से मुठभेड़

डीसीपी वेस्ट बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि गुरुवार की रात बिठूर पुलिस इलाके में रात्रि गश्त पर थी। इसी दौरान टिकरा क्षेत्र की गोशाल के पास 2 युवक गाय ले जाते दिखे। इस दौरान उन्हें रोकने का प्रयास किया गया तो दोनों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर मुठबेड़ में दोनों के पैर में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने अपनी पहचान बाबूपुरवा बरगद वाली गली निवासी फरीद उर्फ मुन्ना और चौबेपुर गबड़हा निवासी सलीम बताया है।

उन्होंने बताया कि मामले की जांच में सामने आया है कि बिठूर की गोशाला में 19 मई को दोनों ने गोकशी की थी। ग्रामीणों के आने पर दोनों फरार हो गए थे। इसके बाद दोने के खिलाप बिठूर थाने में धारा 3, 5 और 8 गोवध अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। दोनों को हैलट में इलाज के लिए भेजा गया। अब शुक्रवार को दोनों को जेल भेज दिया जाएगा।

शातिर किस्म के गोकश हैं दोनों आरोपी


पुलिस की पूछताछ में दोनों गोकशों ने बताया कि वे ग्रामीण इलाकों में देर रात घूमते थे और आवारा घूम रहे मवेशियों को अपना शिकार बनाते थे। जंगल में मवेशियों को काटकर उनका मांस बोरे में भरकर भाग जाते थे। कई महीनों से दोनों शातिर गोकशी के धंधे में लिप्त थे। अब पुलिस इन दोनों शातिर गोकशों के अन्य साथियों की तलाश मे जुट गई है। 

दोनों के पास से तमंचा और कारतूस बरामद


पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार दोनों गोकशों के पास से 2 तमंचे और कारतूस बरामद की है। दोनों ने बताया कि वे अपने पास तमंचा इसलिए रखते थे ताकि अगर कोई उन्हें देख लेता तो  हवाई फायरिंग करके भाग जाते। फायरिंग करने के बाद उनका कोई पीछा नहीं करता था।

लेखक

Madhvi Tanwar

Police Media News

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