Super Cop

Kannauj एसपी IPS Kunwar Anupam Singh की किताब

Kannauj एसपी IPS Kunwar Anupam Singh की किताब

उत्तर प्रदेश पुलिस में यूं तो पुलिसकर्मियों का काम और नाम दोनों ही उनके बेहतरीन प्रदर्शन का परिचय देते हैं। विभाग में कुछ अधिकारी देश सेवा के साथ-साथ अपनी अदाकारी के दम पर फिल्मी दुनिया में भी यूपी पुलिस का नाम रोशन कर रहे हैं। तो कुछ पुलिसकर्मी अपनी बेहतरीन तस्वीर लेने की प्रतिभा से साथ प्रख्यात है। ऐसे में कुछ पुलिस अधिकारी अपनी कलम के दम पर देश के कई लेखकों को मात दे रहे है। अलग-अलग प्रतिभाओं से भरे यूपी पुलिस में एक ऐसे ही प्रतिभावान नाम है यूपी के  कन्नौज जिले में पुलिस की कमान संभाने वाले एसपी IPS Kunwar Anupam Singh का... जिनके द्वारा लिखी गई किताब "ज़ुबाने पुलिस - ज़ुबानी पुलिस" आज ना केवल पुलिस महकमे में चर्चाओं में बनी हुई है। बल्कि किताबों के संसार और नामचीन लेखकों में भी गुफ्तगू का विष्य बनी हुई है। इतना ही नहीं IPS Kunwar Anupam Singh द्वारा लिखी इस किताब की मांग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी बढ़ गई है। इसके साथ ही साथ इस किताब को डॉ० भीमराव आंबेडकर पुरस्कार से पुरस्कृत करने के लिए भी चयनित की गई है।

पुलिस द्वारा इस्तेमाल में लाए जाने वाले अल्फ़ाज़ों का जिक्र

Image

उत्तर प्रदेश में तैनात आईपीएस अधिकारी कुंवर अनुपम सिंह द्वारा पुलिसकर्मियों द्वारा बोले जाने वाले उर्दू अल्फ़ाज़ को ध्यान में रखते हुए ‘जुबानें पुलिस जुबानी पुलिस’ लिखी है। साल 2013 बैच के इस युवा आईपीएस अधिकारी ने पुलिस की ज़ुबान पर शानदार रिसर्च की है। 110 पृष्ठ वाली उनकी इस किताब में पुलिस द्वारा प्रयोग में लाएं जाने वाले उर्दू और फ़ारसी शब्दों के इतिहास ,उनके प्रयोग और रोचक इतिहास को संकलित किया गया है। कुँवर अनुपम सिंह की इस किताब को हाल ही में प्रयागराज के आरके लॉ पब्लिकेशन ने प्रकाशित किया है। आईपीएस द्वारा लिखी इस किताब में “बरामदगी, अदद , नाजायज़ , देशी , जिंदा और , कारतूस जैसे शब्दों को बखूबी समझाया गया है। या यूं कहा जाए कि आईपीएस अधिकारी कुंवर अनुपम सिंह की यह किताब तहरीर में उर्दू की गिरह खोलती है !

खुद आईपीएस ने भी किया ट्वीट


Image
आईपीएस अधिकारी व एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने एक ट्वीट कर धन्यवाद करते हुए लिखा- कि साथियों,वरिष्ठों के आशीर्वाद व आप सब की शुभकामनाओं से पुस्तक "ज़ुबाने पुलिस-ज़ुबानी पुलिस" को उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान ,लखनऊ के द्वारा 'विधि एवं विधि शास्त्र ' विधा में डॉ० भीमराव आंबेडकर पुरस्कार से पुरस्कृत किये जाने हेतु चयनित गया है। amazon और flipkart इत्यादि पर भी यह किताब आपको आसानी से उपलब्ध हो जाएगी।

Image

लेखक

Madhvi Tanwar

Police Media News

Leave a comment