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चोरी की गाड़ियों से आलीशान कोठी बना हाजी नईम उर्फ गल्ला पर चला मेरठ पुलिस का हंटर, इस IPS अधिकारी ने निभाई अहम भूमिका

चोरी की गाड़ियों से आलीशान कोठी बना हाजी नईम उर्फ गल्ला पर चला मेरठ पुलिस का हंटर, इस IPS अधिकारी ने निभाई अहम भूमिका

मेरठ में हाजी नईम उर्फ गल्ला की कोठी शनिवार को मजिस्ट्रेट के आदेश पर पुलिस ने जब्त कर ली। कोठी की कीमत 4 करोड़ 10 लाख रुपए बताई जा रही है। हाजी नईम सोतीगंज का सबसे बड़ा कबाड़ी है। उसके खिलाफ चोरी व लूट के वाहन खरीदने के 32 मुकदमे अलग-अलग थानों में दर्ज हैं। गैंगस्टर के मामले में हाजी गल्ला मेरठ की जेल में बंद है। उसके चारों बेटे भी जेल में हैं। शनिवार को एएसपी मेरठ (IPS) सूरज राय भारी फोर्स के साथ पटेल नगर पहुंचे। उनके साथ 5 थानों के इंस्पेक्टर व 150 से ज्यादा पुलिसकर्मी थे। उसमें 3 सीओ व मजिस्ट्रेट भी शामिल थे। एएसपी सूरज राय ने लाउड स्पीकर से एनाउंस किया कि हाजी नईम उर्फ गल्ला इसके खिलाफ 30 से ज्यादा मुकदमे हैं। यह वाहन काटने और वाहन चोरी का काम करता है। इसके खिलाफ जो मुकदमा है, उसमें पता चला की पटेल नगर की यह कोठी अपराध करके अवैध रूप से अर्जित की है। जिलाधिकारी के आदेश पर इसे कुर्क किया जाता है। इस संपत्ति का कोई भी क्रय व विक्रय नहीं कर सकता।

चोरी की रकम से खरीदी आलीशान कोठी

एएसपी मेरठ सूरज राय ने बताया कि हाजी नईम ने 2016 में देहलीगेट थाना क्षेत्र के पटेलनगर में 353 वर्ग गज में 3 मंजिला आलीशान कोठी सवा 2 करोड़ रुपए में खरीदी थी। इस समय पटेल नगर की इस कोठी की कीमत सरकारी तौर पर 4 करोड़ 10 लाख रुपए है। गल्ला के खिलाफ मुकदमे में विवेचना की गई तो जांच में सामने आया कि गल्ला ने अपने गिरोह के साथ मिलकर चोरी के वाहन काटने से अवैध संपत्ति अर्जित करते हुए इस कोठी को खरीदा है। हाजी नईम उर्फ गल्ला (60) मेरठ के सदर बाजार थाना क्षेत्र के सोतीगंज का रहने वाला है। सोतीगंज व सदर बाजार इलाके में गल्ला के कुछ समय पहले तक 6 गोदाम थे। इन गोदामों में चोरी व लूट के वाहन काटे जाते थे। गल्ला के खिलाफ 32 मुकदमे दर्ज हैं। गल्ला की सोतीगंज व सदर में दो मकान हैं।

25 साल में खड़ा किया करोड़ों का कारोबार

हाजी गल्ला ने पिछले 25 सालों में करोड़ों रुपए का कारोबार खड़ा किया है। मेरठ में पूर्व में तैनात रहे एक अधिकारी ने बताया कि 1995 में गल्ला ने दिल्ली रोड पर गाड़ियों की रिपेयरिंग की दुकान खोली थी। यह दुकान सोतीगंज में थी इसलिए वह वाहन मिस्त्री से कबाड़ी बन गया। उसने सोतीगंज व सदर बाजार इलाके में 2 आलीशान मकान खड़े कर दिए। पांच साल पहले पटेल नगर में कोठी खरीदी। इसके अलावा गल्ला पर उत्तराखंड में भी संपत्ति खरीदने की बात सामने आई है। गल्ला के कई प्लाट सदर बाजार इलाके में हैं, जिनमें ऊंची बाउंड्री कर गोदाम बना रखे हैं।

कभी अफसरों के ट्रांसफर की धमकी देता था गल्ला

2017 से पहले पुलिस ने गल्ला के घर कभी दबिश नहीं दी थी। गल्ला सत्ताधारी नेताओं से साठगांठ रखता था। मेरठ के सोतीगंज में 500 से ज्यादा दुकान कबाड़ियों की हैं। सपा सरकार में गल्ला ने एक मंत्री से साठगांठ कर रात में ही इंस्पेक्टर और एक उच्च अधिकारी का ट्रांसफर करा दिया था। थानों में खुलेआम कहता था कि गल्ला पर हाथ डालने का मतलब है मेरठ से ट्रांसफर। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने सोतीगंज के 15 कबाड़ियों को जेल भेजा, जिनमें हाजी नईम भी शामिल है।

मजिस्ट्रेट के आदेश पर हाजी गल्ला के खिलाफ एक्शन

एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया की मजिस्ट्रेट के आदेश पर हाजी नईम उर्फ गल्ला की कोठी को जब्त किया गया है। इस संपत्ति को सरकार से अटैच कर दिया गया है। पूर्व में दर्ज मुकदमे की विवेचना में सामने आया की हाजी नईम ने अवैध तरीके से धन अर्जित कर संपत्ति खरीदी। पूरे प्रकरण में पुलिस आवश्यक कार्रवाई कर रही है।

संवाददाता

MEGHA CHAUHAN

Police Media News

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