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गाजियाबाद: CARS 24 के CEO विक्रम चोपड़ा समेत आधा दर्जन लोगों के खिलाफ FIR, फाइनेंस की गाड़ी फेक डॉक्यूमेंट्स पर बेचने का आरोप

गाजियाबाद: CARS 24 के CEO विक्रम चोपड़ा समेत आधा दर्जन लोगों के खिलाफ FIR, फाइनेंस की गाड़ी फेक डॉक्यूमेंट्स पर बेचने का आरोप

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में पुलिस (Ghaziabad Police) ने Cars 24 के मालिक विक्रम चोपड़ा (Cars 24 Owner Vikram Chopra) समेत आधा दर्जन लोगों के खिलाफ पुलिस ने आईपीसी की धारा 420, 406, 467, 468, 471, 120बी, 504 व 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इंदिरापुरम थाने में इन सभी के खिलाफ फाइनेंस की गाड़ी स्कॉर्पियों को फर्जी कागजातों (Fake Documents) पर बेचने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है।

पीड़ित विजय कुमार जैन ने दर्ज कराया मुकदमा

मामले में गाजियाबाद निवासी पीड़ित विजय कुमार जैन ने अपनी तहरीर में बताया कि मैहूल अग्रवाल, रुचित अग्रवाल, विक्रम चोपड़ा, गजेंद्र जांगिड कार्स 24 सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के निर्देशक हैं। ये सभी कंपनी के जरिए वाहन खरीद-फरोख्त का कारोबार करते हैं और इनके द्वारा नेट पर महिंद्रा स्कॉर्पियों वाहन को विक्रय करने का विज्ञापन डाला गया था। विज्ञापन देखने के बाद मैंने इन लोगों से संपर्क किया।

इस दौरान इन लोगों ने बताया कि वाहन को बिड के माध्यम से विक्रय करना चाहते हैं। ऐसे में पीड़ित ने वाहन को खरीदने के लिए बिड डाली जो इनके द्वारा स्वीकार कर ली गई। इन लोगों के माध्यम से उपरोक्त वाहन की कीमत 14 लाख 90 हजार रुपए व अतिरिक्त टैक्स के साथ डील तय हुई। इन लोगों ने बताया कि वाहन हर प्रकार के भार बंधक, विवाद, लोन से मुक्त है। किसी भी कार्यालय/न्यायालय में विवादित या वादग्रस्त नहीं है और न ही इस पर किसी तरह का ऋण है।

आरोपियों ने हड़पे 51 लाख रुपए

इनकी बात पर भरोसा करके पीड़ित ने 15 लाख 19 हजार रुपए इनके बैंक में ट्रांसफर कर  दिए। इसके बाद अपने कर्मचारी के जरिए इन लोगों ने वाहन की डिलीवरी पीड़ित के कार्यालय पर कर दी। वाहन की डिलीवरी के बाद पीड़ित ने वाहन की सर्विस, डेंटिंग पेटिंग में कुल 2,24,000 रुपए खर्च कर दिए। वाहन की डिलीवरी के चार दिन बाद आरसी, मूल सेल लेटर, ओनर की आईडी प्रूफ कूरियर के जरिए पीड़ित के पते पर भिजवाए। साथ ही उपरोक्त वहान के संबंध में एनओसी जिस पर 4.10.2021 की डेट पड़ी थी, अपनी वेबसाइट पर डाली और मेरे व्यवहारी को एनओसी प्रमाण पत्र जल्द उपलब्ध कराए जाने का आश्वासन दिया।

इसके बाद पीड़ित ने वाहन की बाबत एक्सिस बैंक में ऋण प्राप्ति के लिए आवेदन किया तो पता चला कि उस वाहन पर पहले से ही एक्सिस बैक का ऋण चल रहा है। इन लोगों ने पीड़ित के साथ धोखाधड़ी करते हुए फर्जी, कूटरचित एनओसी अपनी वेबसाइट पर डाली थी। वाहन पर बैंक ऋण के बावजूद पैसे लेकर पीड़ित को वाहन बेचा गया। इन लोगों ने गाड़ी के फर्जी डॉक्यूमेंट्स बनाकर पीड़ित से रुपए ऐठने की नियत से गाड़ी बेची।

पैसे वापस मांगने पर दी जान से मारने की धमकी

आरोपियों ने गाड़ी की बताई गई कीमत 15,19,000 रुपए वसूले। वहीं, गाड़ी की डेंटिंग-पेटिंग मिलाकर 17,43,000 की रुपए की पीड़ित को क्षति हुई। ऐसे में जब पीड़ित ने इन लोगों से पैसे वापस करने को कहा तो इन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसके बाद पीड़ित ने कार्रवाई कराने की बात कही तो आरोपियों ने बात करने को कहा। इसके बाद आरोपियों ने एक भी पैसा वापस नहीं करने और जान से मारने की धमकी दी। तंग आकर पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

मुख्य संवाददाता

HARSH PANDEY

Police Media News

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